दिल्ली में निर्माण कार्यों पर पड़ा असर
रोड टनल
पीडब्ल्यूडी 777 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत शहर के विभिन्न कोनों विशेष रूप से पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में घूमने के लिए आने वालों को यातायात व्यवस्था के सहारे राहत देने की योजना है।
पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना को जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इस सीमा को लगभग तीन महीने तक बढ़ाया जाना है। उन्होंने बताया कि बड़े निकास पंखे (एक्जहॉस्ट फैन), जो सुरंग के अंदर वाहनों से निकलने वाले धुएं को बाहर निकालकर सुरंग में वायु संचलन बनाए रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जर्मनी से खरीदे जाने थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी।
आश्रम अंडरपास
यह राजधानी की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में से एक है क्योंकि यह अंडरपास दिल्ली के सबसे व्यस्ततम हिस्सों तक पहुंचने में मदद करेगा। परियोजना के तहत हमेशा व्यस्त रहने वाले आश्रम क्रासिंग के पास मथुरा रोड से होते हुए एक 750 मीटर लंबे अंडरपास का निर्माण किया जाना है।
इस परियोजना में रिंग रोड तक जाने वाले आश्रम फ्लाईओवर का विस्तार कर उसे डीएनडी फ्लाईवे के शुरूआती छोर तक जोड़ने की भी योजना है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, अब तक अंडरपास का केवल पांच प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जबकि फ्लाईओवर विस्तार का निर्माण शुरू होना बाकी है।
दिल्ली में निर्माण कार्यों पर पड़ा असर
उन्होंने बताया कि साइट मार्किंग, साइट सर्वेक्षण और उपयोगिता पहचान जैसे प्रारंभिक कार्य पूरे हो गए थे, लेकिन हम पूरी तरह से निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके क्योंकि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन चल रहा था, जिसके कारण ट्रैफिक डायवर्जन संभव नहीं था। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया, जिसके कारण निर्माण रुक गया है।
बारापुला फेज- तीन
इस एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य मयूर विहार- फेज एक और सराय काले खां के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है। यह कॉरिडोर मौजूदा बारापुल्ला- एक एलिवेटेड कॉरिडोर से जाकर मिल जाएगा। इससे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाने वाला रास्ता 9.5 किलोमीटर तक सिग्नल मुक्त हो जाएगा।
सितंबर 2019 में, भूमि अधिग्रहण संबंधित एक सरकारी फैसले के कारण चार साल तक काम रुक गया था। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि पहले आदर्श आचार संहिता के कारण और अब कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण भूमि अधिग्रहण शुरू नहीं हो सका है।