बेहद जरूरी होने पर वित्त विभाग की इजाजत से दूसरे किसी मद में खर्च किया जाएगा। इससे कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी न बंद कर दी जाए।
इस संबंध में सरकार ने फैसला किया है कि 200 युनिट तक बिजली फ्री में उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी। वहीं, 400 युनिट तक खर्च करने पर पचास फीसदी की छूट मिलेगी।
इसके अलावा विभिन्न अदालतों में वकीलों के चैंबर के लिए भी घरेलू दर पर बिजली दी जाएगी। इसका फायदा बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। संकट के इस दौर में उनकी जेब पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।