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दिल्ली में कोरोना वायरस के 3812 नए मामले आए सामने, 37 लोगों की मौत 

Sun, 20 Sep 2020 08:41 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस के 3812 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 37 लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 2,46,711 हो गई है। दिल्ली में रविवार को 3742 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। राजधानी में अब तक कुल 2,09,632 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से दिल्ली में अब तक कुल 4982 मरीजों की मौत हो चुकी है। राजधानी में अभी कुल 32097 सक्रिय मरीज हैं। 

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दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि रविवार को 11322 आरटी-पीसीआर जांच और 41083 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। राजधानी में रविवार को कुल 52405 जांच की गई हैं। दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस की कुल 25,55,007 जांच की गई हैं। 

दिल्ली में अभी पॉजिटिविटी रेट 9.66 प्रतिशत  है। जबकि मृत्यु दर 2.02 प्रतिशत है। अगर पिछले दस दिनों की बात करें तो मृत्यु दर 0.77 प्रतिशत है।  राजधानी में अभी कुल 18910 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या 1872 हो गई है। 

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एक माह में बढ़े 21 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज
राजधानी में कोरोना संक्रमण के एक माह में 21 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज बढ़ गए हैं। संक्रमितों के मुकाबले ठीक होने वालों की संख्या लगातार कम होने से यह मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस समय 32,250 सक्रिय मरीज हैं। 18 अगस्त को यह आंकड़ा 11068 था। लिहाजा, एक महीने मेें ही 21 हजार से ज्यादा मामले बढ़े हैं। संक्रमण की शुरुआत से ही दिल्ली में सक्रिय मामले बढ़ने लगे थे। 28 जून को इनकी संख्या 29 हजार के करीब पहुंच गई थी।

उसके बाद डेढ़ महीने में मामलों में गिरावट आती रही और चार अगस्त को इनकी संख्या 10 हजार से भी नीचे चली गई थी। तब अनुमान लगाया जा रहा था कि सक्रिय मरीज और भी कम होते जाएंगे, लेकिन उसके बाद से ही यह मामले लगतार बढ़ रहे हैं।
राजधानी में ऐसा पहली बार है कि एक महीने में ही 21 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज बढ़ गए हों। इन मरीजों के बढ़ने से अस्पतालों में ही बेड भरने लगे हैं।

इसके साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या में भी 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि हो गई है। सक्रिय मरीजों का दोबारा तेज गति से बढ़ना संक्रमण की दूसरी लहर माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ इससे इनकार कर रहे हैं।
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