कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरा देश एकजुट हो गया है। औद्योगिक संगठन ही नहीं, धार्मिक-सामाजिक संगठन भी कोरोना के खिलाफ संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आर्थिक मदद के साथ-साथ भोजन व अन्य जरूरी मदद गरीब लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।
आर्थिक मदद के आलावा कई धार्मिक-सामाजिक संगठन गरीब लोगों को तैयार भोजन और राशन सामग्री भी वितरित कर रहे हैं। झंडेवालान देवी मंदिर ट्रस्ट रोजाना 10 हजार लोगों को भोजन सामग्री तैयार कर लोगों में बांट रहा है।
राधा स्वामी सत्संग समिति और इस्कॉन मंदिर दिल्ली सरकार के साथ मिलकर रोजाना लाखों लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रहा है। इसी प्रकार गायत्री परिवार भी डॉक्टर प्रणव पांड्या के नेतृत्व में हजारों लोगों को अनेक जगहों पर भोजन और राशन सामग्री बांट रहा है।
अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से आरएसएस भी लोगों की मदद करने में जुटा है। आरएसएस के पदाधिकारी राजीव तुली के मुताबिक संगठन लाखों गरीब जरूरतमंद लोगों को रोजाना भोजन और राशन की मदद उपलब्ध करा रहा है।
अकेले दिल्ली प्रांत में 125 जगहों पर सामूहिक रसोई बनाई गई है, जिसके माधाम से चार लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसी प्रकार लाखों लोगों को सैनिटाइजर, फेसमास्क, ग्लव्स और साबुन इत्यादि चीजें बांटी जा रही हैं।
दिल्ली प्रांत में ही संगठन के लगभग पांच हजार कार्यकर्ता दिन-रात लोगों की सेवा में जुटे हैं। संगठन लगभग सौ जगहों पर पक्षियों और जानवरों को भी दाना, पानी, चारा और भोजन उपलब्ध करवा रहा है।
विश्व हिन्दू परिषद के दिल्ली प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना के मुताबिक वे राजधानी के सभी 172 प्रखंडों में न्यूनतम 25 परिवारों को एक-एक किट उपलब्ध करवा रहे हैं। इस किट में चार से पांच सदस्यों के लिए एक हफ्ते का राशन उपलब्ध रहता है।
इसके आलावा विभिन्न मंदिरों में हलवाई नियुक्त कर भोजन तैयार कराया जा रहा है, जिसे जरूरतमंदों में बांटा जा रहा है। इस प्रकार अकेले दिल्ली में एक लाख लोगों को भोजन दिया जा रहा है।
सोमवार से बजरंग दल और दुर्गावाहिनी जैसे सहयोगी संगठनों के जरिए विश्व हिन्दू परिषद दूध विक्रेताओं, अखबार बांटने वालों, सब्जी बेचने वालों और अन्य छोटे तबके के लोगों को सैनिटाइजर उपलब्ध करवाएगा, जिससे यह तबका भी कोरोना के संक्रमण से मुक्त रहे।
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि उन्होंने देशभर में जिलास्तर पर 125 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर फोन कर कोई भी दान दे सकता है या जिन्हें जरूरत हो, वह मदद मांग सकता है। फोन मिलने के बाद उनके कार्यकर्ता कुछ ही देर में जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद उपलब्ध करा देते हैं।
कोरोना की लड़ाई में गुरुद्वारों ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा उनके संगठन लाखों गरीबों को रोज खाना खिला रहे हैं।
उन्होंने एक अस्पताल भी तैयार कर सरकार को देने के लिए कहा है। इसके अलावा गुरुद्वारा रकाब गंज और गुरुद्वारा बंगला साहिब में उन्होंने सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों को जगह दे रखी है जहां रहकर वे अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
जामियत उलेमा-ए-हिन्द के मीडिया सचिव मौलाना फजलुर्रहमान के मुताबिक उनकी संस्था के एक करोड़ 30 लाख सक्रिय सदस्य हैं। इनके माध्यम से वे पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर लोगों को आर्थिक मदद, राशन और भोजन बांट रहे हैं। रविवार को भी लोनी के 391 परिवारों को आर्थिक मदद और राशन उपलब्ध कराया है।
इनमें दिल्ली दंगों में पीड़ित परिवार भी शामिल हैं। इस तरह पूरे देश में लाखों जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा रही है। आगरा के उनके एक सदस्य मौलाना जुल्फिकार अली भुट्टो ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री राहतकोष में 11 लाख रुपये और प्रधानमंत्री केयर फंड में 21 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है।
वे दिल्ली दंगों में पीड़ित हिंदू-मुस्लिम परिवारों के लोगों के घरों के पुनरोद्धार में भी सहयोग दे रहे थे, लेकिन निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगने के कारण इस समय यह काम रोक दिया गया है। लेकिन प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लोगों के घरों का दुबारा निर्माण कराया जायेगा।
खुदाई खिदमतगार के हसनैन बेग के मुताबिक वे रोजाना हजारों परिवारों तक नकदी, भोजन और राशन पहुंचा रहे हैं। रामनवमी के दिन उन्होंने लोगों को राम किट बांटी थी जिसमें प्रत्येक किट में पांच किलो चावल, पांच किलो आटा, दो किलो दाल और नमक-तेल शामिल था।