दिल्ली सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करने की योजना बनाई है। दिल्ली सरकार का कहना है कि वह प्रतिदिन 40 हजार टेस्टिंग करवाएगी, हालांकि इसमें एक पेंच आ गया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में प्रतिदिन 40 हजार जांच करने के फैसले पर गृह मंत्रालय जांच न बढ़ाने का दबाव डाल रहा है। इसी पूरे मामले को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद अब दिल्ली में डबल टेस्टिंग होगी।
सत्येंद्र जैन ने इस विषय पर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कोरोना टेस्टिंग डबल करने को कहा, लेकिन इसके बाद गृह मंत्रालय ने टेस्टिंग न बढ़ाने के लिए दबाव बनाया। मैं खुश हूं कि मेरे पत्र के बाद गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया और अब मैं आशांवित हूं कि टेस्टिंग जल्द ही डबल हो जाएगी।
इसके साथ ही सत्येंद्र जैन ने ये कहा कि गृह मंत्रालय को पहले गुजरात, यूपी और बाकी भारत के कोरोना के हालात को देखना चाहिए बाद में दिल्ली को संभालने की बात करनी चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कोरोना के टेस्ट डबल करने का आदेश दिया लेकिन इसे गृह मंत्रालय से भी स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ी।
गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा था खत
इस विषय में गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भारत सरकार के गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखा। जैन ने गृह मंत्रालय पर दिल्ली में जांच बढ़ाने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कुछ अधिकारियों ने बताया है कि गृह मंत्रालय के अधिकारयों द्वारा दिल्ली में कोरोना टेस्ट न बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है।
अपने पत्र में जैन ने लिखा कि दिल्ली के अंदर और जांच करने से दिल्ली सरकार को क्यों रोका जा रहा है? दिल्ली के अफसरों पर इस तरह का गैर संवैधानिक और गैरकानूनी दबाव क्यों डाला जा रहा है? आप से गुजारिश है कि इस तरह का दबाव न डाला जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार टेस्ट बढ़ा रही है। केंद्र सरकार को इसके अंदर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह यह पत्र गृह मंत्री अमित शाह को लिखना चाहता थे, लेकिन उनकी तबीयत खराब है और वह एम्स में भर्ती है इसलिए गृह सचिव को लिखा है। पत्र में कहा गया है कि दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 26 अगस्त को अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रतिदिन हो रहे 20 हजार टेस्ट को बढ़ाकर 40 हजार करना का आदेश दिया है, लेकिन उन्हें बताया गया है कि गृहमंत्रालय के अधिकारियों की ओर से दिल्ली के अधिकारियों पर जांच और न बढ़ाने का दबाव डाला जा रहा है। अगर दिल्ली सरकार जांच क्षमता को बढ़ाकर 20 से 40 हजार करना चाहती है तो क्यों रोका जा रहा है।