जीवटता और सेवा का भाव चलती फिरती जिंदगी का बड़ा सहारा होता है। कंडक्टर विनोद हो या चालक धर्मेंद्र मुंह पर मास्क लगाए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। मन में कोरोना को लेकर डर भी है। हालांकि बसें रोज सेनेटाइज हो रही हैं।
दिल्ली पुलिस के जवान हों या सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ के जवान। दिल्ली के पुलिस थाना, रेडलाइट, संसद भवन, मंत्रालयों के भवन तक पूरी मुश्तैदी से तैनात हैं। सीआरपीएफ के वेंकटेश बताते हैं कोरोना को लेकर एक नई एडवाइजरी आई है।
हम सब उसका पालन करते हैं। कुछ जवान मास्क लगाए मिले तो कुछ एहतियात बरतते हुए। पूछने पर बताया कि समय-समय पर साबुन से हाथ धोना, लोगों से दूरी बनाकर बात करना और अधिकारियों के दिशा-निर्देश का वह लगातार पालन कर रहे हैं।
सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल का कहना है कि अभी फौज में कोरोना नहीं सुनाई पड़ा है, लेकिन यदि सुरक्षा बलों में आ गया तो मुश्किल होगी। सूत्रों का कहना है कि हमारा खाना, पीना, उठना बैठना, पानी पीना सब सामूहिक होता है। मेस में बना खाना ही ड्यूटी के जवानों की लाइफ लाइन की तरह है।