डॉक्टरों की माने तो दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीज अन्य बीमारी से भी पीड़ित हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज पहले अन्य बीमारियों का इलाज करवा रहे थे। इसके बाद कोरोना संक्रमण से उनकी समस्या और विकराल हो गई। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक अप्रैल से 19 अप्रैल तक के बीच 49 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया है। इसमें से अधिकतर मरीजों की मौत का कारण सीधे कोरोना नहीं था। हार्ट, लंग्स, लीवर, किडनी, डायलिसिस व अन्य के मरीज थे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर प्रताप के मुताबिक, कोरोना वायरस भी रूप बदल रहा है, जिस कारण ये कोरोना के खिलाफ बनी इम्यूनिटी को भी तोड़कर लोगों को संक्रमित कर रहा है। हालांकि, इससे सभी को डरने की जरूरत नहीं है। जो लोग गंभीर हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली के कोरोना एप के अनुसार, दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सबसे ज्यादा 13 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 3 मरीज, सफदरजंग अस्पताल में 6 मरीज, लेडी हार्डिंग में 2 मरीज व अन्य अस्पतालों में गंभीर मरीज भर्ती हैं। इन्हें वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में भर्ती किया गया है। दिल्ली में अभी 47 गंभीर मरीज भर्ती हैं।
अस्पतालों में भर्ती हैं 390 मरीज
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक 390 मरीज हैं। इनमें से 373 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर, 126 मरीज आईसीयू में और 47 मरीज आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर भर्ती हैं।