अब थर्मल गन से लोगों के पास जाकर बार-बार शरीर का तापमान नापने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोरोना कॉम्बेट ड्रोन 15 मीटर दायरे में आने वाले हर शख्स के बारे में बता देगा कि उसे बुखार है या नहीं। शनिवार को नोएडा प्राधिकरण ने थर्मल इमेजिंग कोरोना कॉम्बेट ड्रोन का परीक्षण किया।
हालांकि अधिकारी ड्रोन की उड़ने की कम अवधि से असंतुष्ट हैं। फिलहाल इसका परीक्षण जारी रहेगा। प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि शनिवार को रोबोटिक्स कंट्रोल के माध्यम से सेक्टर-16 और 17 के बीच की झुग्गियों के ऊपर से कोरोना कॉम्बेट ड्रोन को उड़ाया गया।
इस ड्रोन को उड़ाने का मकसद लोगों के शरीर के तापमान का परीक्षण करना था, लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं हो पाया। इन क्षेत्रों में केवल सैनिटाइजेशन का काम किया गया। उनका कहना है कि ड्रोन की उड़ने की अवधि संतोषजनक नहीं है।
ड्रोन को एक बार में कम से आधे घंटे तक उड़ान भरनी चाहिए। लेकिन यह अभी एक बार में केवल 15 मिनट ही उड़ान भर सकता है। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की गई और इसकी उड़ान अवधि बढ़ाने के लिए कहा गया। इस बारे में दूसरी कंपनियों के साथ भी चर्चा चल रही है।