दिल्ली हाईकोर्ट ने कोविड-19 के लिए क्वारंटीन की अवधि तय करने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि 14 दिन के लिए क्वारंटीन किए गए लोगों में अगर संक्रमण के कोई लक्षण ना मिले तो उन्हें जल्द क्वारंटीन मुक्त करने के लिए फैसला किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पीठ ने इस संबंध में दायर याचिका का निपटारा कर दिया।
न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की एकल पीठ ने क्वारंटीन की अवधि निर्धारित करने की मांग को लेकर दायर याचिका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की। हालांकि, इस बीच पीठ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से जुड़े हर मामले में 14 दिन का ही क्वारंटीन होने का आदेश नहीं दिया जा सकता, लेकिन प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि किसी भी नागरिक को मनमाने ढंग से होम क्वारंटीन में रखना भी उचित नहीं है। इसके गलत परिणाम भी हो सकते हैं।
पीठ ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते प्रभावित लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है मगर कई मामलों में क्वारंटीन की समय सीमा तय नहीं हो पा रही है। कई मामले ऐसे भी आए जब प्रभावित लोगों को 14 दिन से बहुत अधिक समय तक क्वारंटीन किया गया।
यह याचिका 24-25 मार्च को पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय के संपर्क में आए एक फोटो जर्नलिस्ट ने दायर की थी। याचिका में दिल्ली सरकार की क्वारंटीन से जुड़ी गाइडलाइंस को चुनौती दी गई थी। 14 अप्रैल को पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय की कोविड 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय के संपर्क में आने वाले 72 परिवारों को क्वारंटीन किया गया था। याची फोटो जर्नलिस्ट भी इन परिवारों में शामिल था। याची का आरोप है कि उसे 30 दिन से भी अधिक समय के लिए क्वारंटीन में रखा गया, जबकि उसकी कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आई थी।