बांग्लादेश निवासी सिमरन बार-बार भारत सरकार और जवानों की तारीफ करते थक नहीं रही थीं। वे कह रही थीं कि कैंप में उन्हें घर जैसा ही लगा। यहां लोगों के साथ उन्होंने कैरम खेला, हरियाणवी गानों पर खूब डांस किया।
वहीं चीन निवासी मियानी कहती हैं कि वे भारत सरकार की जितनी भी सराहना करें, उतनी कम है। उन्होंने कैंप में आने के बाद भारतीय चाय का स्वाद चखा। तरह-तरह की सब्जियां खाईं और उन्हें सबसे ज्यादा दाल का स्वाद पसंद आया।
दरअसल चीन के वुहान से 112 लोगों को भारत लाने के बाद इन्हें निगरानी के लिए छावला कैंप में रखा गया था। यहां इनकी पहले दिन जांच हुई थी। इसके बाद दूसरी जांच के लिए बीते 11 मार्च को सैंपल लिए गए थे।
सुबह से लेकर रात तक इन्हें आइसोलेशन में रहना पड़ता था। बृहस्पतिवार देर रात जब इन सभी लोगों की निगेटिव रिपोर्ट छावला तक पहुंची, तो शुक्रवार सुबह सभी को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद जश्न का माहौल बन गया।
इन 112 में से 36 विदेशी नागरिक हैं जो बांग्लादेश, चीन और म्यांमार के हैं। इससे पहले भी वुहान से 406 लोगों को यहां रखा गया था। रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद इन्हें घर भेज दिया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन सभी को पिछले महीने चीन के वुहान से लाया गया था।