कोरोना की संभावित तीसरी लहर पर काबू पाने वाले के लिए दिल्ली सरकार के पैनल ने रंग आधारित अलर्ट निर्धारित किए हैं। जो तीसरी लहर के संक्रमण की स्थिति एवं सख्ती की व्याख्या करेंगे। रेड अलर्ट जारी होने पर ज्यादातर आर्थिक गतिविधियों को बंद कर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार ये कलर कोडेड रिस्पांस सिस्टम आठ सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी ने किया है, दिल्ली सरकार की अनुमति मिलने के बाद ये प्रभावी हो जाएगा। ये कलर कोड लगातार दो दिन तक संक्रमितों की संख्या, एक सप्ताह में कुल मरीज, एक सप्ताह तक भरे हुए ऑक्सीजन वाले बेडों की संख्या के मानक अलर्ट के रंगों का निर्धारण करेंगे। अलग-अलग रंगों के अनुसार आर्थिक गतिविधियों के संचालन का निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि सभी चार कलर अलर्ट के दौरान जरूरी वस्तुओं एवं सेवाओं की अनुमति दी जाएगी। इनमें पहला येलो अलर्ट होगा। ये तब होगा जब संक्रमण दर 0.5 फीसदी, या नए मामले 15 सौ तक हो जाएं या ऑक्सीजन वाले बिस्तरों पर 500 मरीज भर्ती हों। इस दौरान निर्माण, विनिर्माण गतिविधियों, दुकानों व जरूरी सेवा प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति होगी।
हालांकि गैर जरूरी वस्तुओं व सेवाओं की दुकानों, मॉल्स आदि को ऑड ईवन फार्मूला के आधार पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक खोलने की अनुमति होगी। प्रत्येक जोन में केवल एक साप्ताहिक बाजार 50 फीसदी दुकानदारों के साथ लगाने की अनुमति होगी। इससे अगला लेवल एंबर अलर्ट होगा। यह संक्रमण की दर एक फीसदी से अधिक, नए मामलों की संख्या 3500 होने या ऑक्सीजन वाले बिस्तरों पर मरीजों की संख्या 700 होने पर लागू होगा। इस दौरान गैर जरूरी सामानों की दुकानों व मॉल्स के अलावा सभी आर्थिक गतिविधियों की सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक अनुमति होगी।
इसके बाद ओरेंज अलर्ट लागू होगा। ये संक्रमण की दर दो फीसदी से अधिक या नए मामले 9000 होने या ऑक्सीजन वाले बिस्तरों पर एक हजार मरीज होने की स्थिति में लागू होगा। इस दौरान निर्माण गतिविधियां ऑन साइट मजदूरों से कराने की अनुमति होगी। हालांकि इस दौरान जरूरी वस्तुओं के उत्पादन व रक्षा उत्पादनों की अनुमति होगी। इस दौरान मॉल्स व साप्ताहिक बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे। गैर जरूरी सामानों की दुकानें सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक ही खुलेंगी।
सबसे अंत में रेड अलर्ट जारी किया जाएगा। ये उस हालात में होगा जब संक्रमण की दर पांच फीसदी से अधिक या नए मरीजों की संख्या 16 हजार या ऑक्सीजन वाले बिस्तरों पर मरीजों की संख्या तीन हजार तक पहुंच जाएगी। इस दौरान ऑन साइट मजदूरों के साथ निर्माण गतिविधि, जरूरी सामानों का उत्पादन, रक्षा उत्पादन की अनुमति होगी। मॉल्स व साप्ताहिक बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि गैर जरूरी सामानों की दुकानें खुलेंगी।