दिल्ली के 25 अस्पतालों को मरीजों के लिए तैयार करने का फैसला लिया है। इसमें दिल्ली सरकार के 19 और 6 प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। यहां आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए 230 बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही 3.50 लाख से ज्यादा मास्क की व्यवस्था की है। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन के कहा कि दिल्ली सरकार के 19 और 6 प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों का इलाज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में ये फैसले लिए गए। इसके बाद अस्पतालों में तैयारियां शुरू कर दी गईं। बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन व अन्य अधिकारी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अभी दिल्ली में एक ही केस सामने आया है। पूरी दिल्ली में सावधानी बरती जा रही है। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। बैठक के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस एक नया वायरस है।
अभी इसका कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन यह जिस तरह से पूरी दुनिया में फैल रहा है, इसे लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए बेड सुरक्षित किए गए हैं। कोरोना वायरस की जांच की सुविधा अभी पूरे देश में सिर्फ 12 स्थानों पर ही है। कोशिश कर रहे हैं कि दिल्ली में भी जितनी ज्यादा हो सके, सुविधा की व्यवस्था जल्द की जा सके। स्वाइन फ्लू के दौरान जिस तरह से तैयारी की गई थी, उसी तरह दिल्ली के 25 अस्पतालों में तैयारी की जा रही है ताकि कोई भी केस हो, उसे आईसीयू में रखा जा सके।