पटपड़गंज स्थित एक निजी अस्पताल में कोरोना मरीज को इलाज से इंकार करने का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली सरकार ने संबंधित अस्पताल को नोटिस देकर जवाब मांगा। इसके बाद अस्पताल ने मरीज के लिए वेंटिलेटर की व्यवस्था करवाई।
धर्मेंद्र नामक युवक ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में बताया कि 19 मई को वह अपनी बीमार मां को यमुना विहार स्थित एक अस्पताल में ले गया था, वहां से उसे बड़े अस्पताल ले जाने को कहा।
इसके बाद वह एक अन्य निजी अस्पताल में गया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने इलाज से इंकार कर दिया। आखिर में पटपड़गंज स्थित निजी अस्पताल में आया, जहां उसकी मां को भर्ती कर लिया।
यहां 21 मई को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए इलाज से इनकार कर दिया कि मरीज को शिफ्ट करना पड़ेगा। हमें कोरोना मरीजों के उपचार की अनुमति नहीं है।
उधर, वीडियो पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेजकर पूछा कि क्यों ने आपकी मान्यता रद्द कर दी जाए। इस घटना पर प्रेसवार्ता में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निजी अस्पताल को नोटिस जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अस्पताल में कोई भी मरीज आता है और वह कोविड निकलता है, तो उस अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह अपनी एंबुलेंस में भेज कर किसी सरकारी या निजी अस्पताल में उसे कोविड बेड दिलवाएगा।