जिले में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के लिए पारिवारिक समारोह, पार्टियों, सामाजिक कार्यक्रम व धार्मिक आयोजन जिम्मेदार हैं। लोग ऐसे समारोह में सामाजिक दायरे को भूल जाते है और यही कारण है कि एक व्यक्ति मात्र से पूरे परिवार के सदस्य संक्रमित हो रहे है। अगस्त माह में कोरोना के मामले बढ़ने पर इस तथ्य का खुलासा मंडलायुक्त अशोक सांगवान व सिविल सर्जन विरेंद्र यादव ने किया।
उन्होंने कहा कि ओपन प्लेस के खुलने से भी संक्रमण के मामले बढ़े है। फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक रिकवरी रेट इस समय गुरुग्राम जिले का है जो कि 91 प्रतिशत है।
विरेंद्र यादव ने माना कि अगस्त माह में अचानक कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि जो नए मरीज सामने आए वे कहीं न कहीं पारिवारिक समारोह या पार्टियों में शामिल हुए है।
गुरुग्राम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि 14 से 20 अगस्त तक जहां 620 मामले आए तो 21 से 27 अगस्त के बीच 793 मामले सामने आए है। यही कारण है कि पहले 100 दिनों में मामले दो गुना हो रहे थे जो अब बढ़कर 80 दिन हो गए है।
गुरुग्राम में एक लाख 58 हजार 528 टेस्टिंग हो चुकी है, जिनमें से अकेले अगस्त माह में ही 54,694 टेस्ट किए गए है। वहीं पिछले एक सप्ताह से कोरोना के अधिक केस देखने को मिले है जहां पहले 50 से 60 नए पॉजिटिव केस देखने को मिल रहे थे वहीं कुछ दिनों से ये बढ़कर लगभग 100 के आसपास हुआ है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब एक बार फिर से कोरोना के मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की अवधि बढ़ाकर 14 दिन किया जा रहा है।
जांच करवाने से घबरा रहे दुकानदार
सिविल सर्जन विरेंद्र यादव ने बताया कि बाजारों में खासकर सदर बाजार के दुकानदार कोरोना जांच करवाने में पीछे है। इसका मुख्य कारण दुकानदारों को भय है कि यदि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उनकी दुकान को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने यदि कोरोना से मुक्ति पानी है तो दुकानदारों को भी जांच करवाने के लिए आगे आना होगा, क्योंकि वे अधिकांश लोगों के संपर्क में आते हैं।