कोरोना वायरस को लेकर महाराष्ट्र की तरह देश की राजधानी दिल्ली भी शुरूआत से सुर्खियों में रही है। लॉकडाउन के दौरान जहां दिल्ली का हर जिला रेड जोन में था। वहीं अनलॉक के पहले व दूसरे चरण में स्थिति काफी संतोषजनक भी देखने को मिली लेकिन इसके बाद फिर से कोरोना का पीक देखा गया। फिलहाल स्थिति यह है कि बीते पांच में से चार सप्ताह में मरीजों की संख्या बढ़ी है जबकि पांचवें सप्ताह में फिर से सुधार देखने को मिल रहा है। 19 अगस्त से लेकर अब तक की स्थिति पर गौर करें तो दिल्ली में भले ही रोजाना तीन हजार से ज्यादा संक्रमित सामने आ रहे हैं लेकिन अन्य दिनों की अपेक्षा अभी बदलाव हो रहा है।
ऐसे बढ़े मरीज, फिर होने लगे कम
आंकड़ों के अनुसार 19 से 25 अगस्त के बीच दिल्ली में रोजाना औसतन 1308 संक्रमित मरीज मिले। यही आंकड़ा 26 अगस्त से 1 सिंतबर के बीच 1745 तक जा पहुंचा और फिर 2 से 8 व 9 से 16 सिंतबर के बीच क्रमश: 2682 व 4001 की संख्या रोजाना मिलने लगी लेकिन 16 से 22 सिंतबर के बीच रोजाना मिलने वाले मरीजों में कमी आई है। इस पूरे सप्ताह में रोजाना 3960 के औसत से संक्रमित मरीज मिले हैं।
ये है दिल्ली की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अब तक 2,53,075 संक्रमित मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। पहला मरीज 2 मार्च को पाया गया था। तब से लेकर अब तक यह आंकड़ा सामने आया है। दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को मिले अब सात महीने करीब-करीब पूरे होने जा रहे हैं। करीब 1.80 करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में अब तक 26 लाख से अधिक लोगों की जांच भी हो चुकी है। फिलहाल स्थिति यह है कि यहां कोरोना वायरस से मृत्युदर दो फीसदी है। साथ ही कोरोना वायरस की औसतन विकास दर 1.6 फीसदी है।