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संक्रमित हवलदार ने मदद मांगी तो सिपाही ने दी गोली मारने की धमकी, पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

Tue, 29 Sep 2020 06:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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फ्रंट लाइन में खड़े रहकर कोरोना से जंग लड़ रहा दिल्ली पुलिस का एक हवलदार अपने ही महकमे की बेरुखी का शिकार हो गया। 28 वर्षीय हवलदार खुद तो कोरोना संक्रमित हुआ, उसकी वजह से परिवार के कुल सात सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए। प्रशासन ने भी घर के बाहर पहरा बैठा दिया। पीड़ित के यहां राशन खत्म हो गया, यहां तक दूध वाले ने दूध देना बंद कर दिया। घर में छोटा बच्चा था, पीड़ित ने पड़ोसियों, घर के बाहर बैठी सिविल डिफेंस की महिला कर्मियों से मदद मांगी तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। मजूबरी में हवलदार के कोरोना पॉजिटिव पिता दूध लेने घर से बाहर निकले तो हर्ष विहार थाने का सिपाही सौरभ वहां पहुंच गया। उसने पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और यहां तक पीड़ित हवलदार को ठोक देने तक की धमकी दे डाली। परेशान होकर हवलदार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल किया। तुरंत कार्रवाई हुई, हवलदार के घर एक सिपाही भेजा गया। उसे मदद के अलावा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

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जानकारी के अनुसार पीड़ित हवलदार परिवार के साथ गली नंबर-29, हर्ष विहार में रहता है। इसके परिवार में माता-पिता, तीन बहनें, एक भाई, पत्नी और सात माह का बेटा है। हवलदार दिल्ली पुलिस के पी एंड एल विभाग में तैनात है। पिछले दिनों ड्यूटी के दौरान हवलदार की तबियत खराब हुई तो उसने अपना कोरोना टेस्ट करवाया। हवलदार कोरोना पॉजिटिव निकला। परिवार के बाकी लोगों की भी जांच की गई। हवलदार, उसकी पत्नी, पिता, तीन बहनें और एक भाई भी कोरोना संक्रमित हो गए। घर में बस हवलदार की मां और सात माह का बेटा ही निगेटिव थे। 20 सितंबर के बाद परिवार ने खुद को क्वारंटीन कर लिया। प्रशासन ने घर के बाहर 24 घंटे का पहरा बिठा दिया। पड़ोसियों के अलावा सब्जी वालों यहां तक दूध वाले ने भी घर आना बंद कर दिया। घर में डिब्बे का दूध भी खत्म हो गया। बच्चा भूख से बिलबिलाने लगा। मदद न मिलने पर रविवार सुबह हवलदार के पिता ही दूध लेने बाहर निकल गए। सिविल डिफेंस की लड़कियों ने इसकी सूचना हर्ष विहार थाने में दी।

कुछ ही देर बाद थाने से एक सिपाही सौरभ वहां पहुंचा और उसने हवलदार के पिता व पूरे परिवार को खूब गालियां दी। पीड़ित ने खुद को महकमे का होने की बात की तो आरोपी ने उसे गोली मारने व पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। पीड़ित ने कहा कि उसका सात माह का बच्चा पूरी रात दूध न होने की वजह से रोता रहा है। वह दूध दिलवा दे तो सिपाही ने गाली-गलोच की। थक हारकर पीड़ित ने एक चिट्ठी सीपी दिल्ली व अन्य अधिकारी के नाम लिखी। इसके बाद जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय हरकत में आया। फौरन पीड़ित के घर पहुंचा। तब तक एक दूध वाले ने घर पर दूध देने की हामी भर ली थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद पीड़ित से बात कर सिपाही के खिलाफ एक्शन लेने की बात की है। परिवार की हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया है।

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