न बुखार उतरा, न शुगर नियंत्रित हुआ
कोरोना संक्रमित मधुमेह रोगियों के उपचार में मरीजों के सामने कुछ और समस्याएं सामने आईं। डॉ. राकेश प्रसाद के मुताबिक, इन मरीजों का न तो बुखार कम हो रहा था। न ही दवा देने के बाद शुगर नियंत्रण में आने को तैयार था। हालांकि सघन उपचार के कुछ दिनों बाद स्थिति नियंत्रण में आई। इसके अलावा ऐसे मरीजों के किडनी, लिवर, शरीर में रक्त आपूर्ति पर भी नकारात्मक प्रभाव देखा गया।
मधुमेह रोगी को ढाई गुना अधिक हाइपरटेंशन होने की आशंका
डॉ. राकेश प्रसाद बताते हैं कि एक विदेशी अध्ययन में यह सामने आया है कि सामान्य व्यक्ति की तुलना में और मधुमेह रोगी को ढाई गुना अधिक हाइपरटेंशन होने की आशंका रहती है। मधुमेह रोगियों की किडनी, लीवर व अन्य बीमारियों की चपेट में आने की संभावना भी अधिक होती है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जिले में 5200 मधुमेह रोगी
स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में आने वाले गैर संचारी रोगों के मरीजों का आंकड़ा जुटाता रहता है। मधुमेह भी गैर संचारी रोग है, लिहाजा विभाग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, जिले में यह संख्या करीब 5200 है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा बेहद कम है। यह बीमारी घर-घर पैर पसार रही है। विभाग को वृहद स्तर पर सर्वे कर आंकड़ा जुटाने की जरूरत है।
मधुमेह, हाइपरटेंशन, कैंसर आदि बीमारी से ग्रसित मरीज को सावधान रहने की जरूरत है। प्रतिरक्षण तंत्र कमजोर होने के कारण यह बीमारी इन्हें तेजी से चपेट में लेती है। कोरोना जैसे लक्षण दिखने पर यह रोगी अपनी कोविड जांच अवश्य कराएं।
-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ