मृतक के परिवार को देना होगा एक लाख रुपये मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने हौज खास में 2013 में हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में दोषी यतिन शर्मा की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने उसकी अपील खारिज करते हुए 30 दिन के भीतर ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है। दोषी को मृतक के परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा भी देना होगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाकर किसी की जान लेने के मामले में जेल की सजा जरूरी है। ऐसे मामलों में प्रोबेशन पर रिहाई देने से समाज में गलत संदेश जाएगा और कानून का डर कम होगा।
मामला आठ अगस्त 2013 का है। अदालत के मुताबिक, यतिन शर्मा की कार ने हौज खास के दलीप सिंह मार्ग पर पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। इसके बाद सड़क पर चल रहे जाकिर मलिक को टक्कर मार दी। हादसे में मलिक के सिर में गंभीर चोट आई। 17 अगस्त को एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अदालत ने कहा कि घायल मोटरसाइकिल सवार की गवाही भरोसेमंद थी। मेडिकल सबूतों से भी साबित हुआ कि सिर में लगी चोटों के कारण मलिक की मौत हुई।