संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
द्वारका कोर्ट ने एक आरोपी को महिला के खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने पर महिला की गरिमा का अपमान करने का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह कोई साधारण अपमान नहीं था, बल्कि इससे उसके चरित्र पर आक्षेप लगा और संकेत मिला कि वह चरित्रहीन है। न्यायिक मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला ने विक्रांत ग्रेवाल उर्फ विक्की के खिलाफ 2021 के एक मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि आरोपी की ओर से इस्तेमाल किया गया शब्द कोई अपमानजनक शब्द नहीं था, बल्कि महिला के चरित्र पर हमला करने के इरादे से इस्तेमाल किया गया था।
अदालत ने कहा कि यह किसी भी महिला की गरिमा का अपमान होगा। इस बात पर भी गौर किया कि ग्रेवाल ने गवाही में कहा था कि ये संदेश किराये के विवाद के चलते भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने उनकी अश्लील प्रकृति से इन्कार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जब यह शब्द किसी महिला के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो इसका मतलब है कि वह महिला वफादार नहीं है। अदालत ने कहा कि इन शब्दों का यह भी मतलब है कि वह कई लोगों के साथ यौन संबंध बना रही है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने महिला को उसकी मांग पूरी न करने पर दुष्कर्म और हत्या की धमकी भी दी थी। मामले की सुनवाई 27 जुलाई को तय की।