मामले में अदालत ने दी थी आजीवन कारावास की सजा
जमानत मिलने के बाद मुजरिम हो गया था फरार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चांदनी महल इलाके में एक महिला को जलाकर मारने वाला आजीवन कारावास का सजायाफ्ता मुजरिम को पुलिस ने सात साल के बाद गिरफ्तार किया है। अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपी शम्मी फरार हो गया था। एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 16 अक्तूबर 2010 को 35 साल की एक महिला को उसके परिवार वालों ने जली हुई हालत में लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता ने बताया कि उसके पति के चाचा असलम और उनके दो बेटों शम्मी और अशरफ ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी है। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्जकर लिया। दो दिन बाद इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने महिला की मौत के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी असलम को गिरफ्तार कर लिया गया। 25 अप्रैल 2011 को पुलिस ने फरार दोनों आरोपियों असरफ और शम्मी को गिरफ्तार कर लिया है।
9 अक्तूबर 2012 को अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पांच साल जेल में रहने के बाद अदालत ने 2017 में शम्मी को जमानत दी। रिहा होने के बाद वह फरार हो गया था।