42 वर्षीय प्रवेश वर्मा सांसद बनने से पहले 2013 में महरौली विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। डीपीएस आरके पुरम से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद वर्मा ने किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक और इसके बाद व्यापार प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। दिवंगत साहिब सिंह वर्मा की राजनीतिक विरासत संभाल रहे पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है।
बीते लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सबसे बड़ी और देश की छठी सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले वर्मा अपने बयानों के कारण कई बार विवादों में घिरे हैं। बतौर सांसद पहले कार्यकाल में वर्मा ने 18 दिसंबर 2016 को कहा था - मुसलमानों ने ना कभी भाजपा को वोट दिया है और ना ही कभी देंगे। हमें सोचना होगा कि आखिर हर आतंकवादी मुस्लिम ही क्यों है-। इसके बाद 18 जून को उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिख कर सरकारी जमीन पर मस्जिद निर्माण का आरोप लगाते हुए ऐसे मस्जिदों को हटाने की मांग की थी।
विवादित बयान
शाहीन बाग में लाखों लोग जमा होते हैं। दिल्ली के लोगों को सोचना होगा। फैसला कराना होगा। एक दिन वे आपके घरों में घुसेंगे, आपकी बहन-बेटियों से बलात्कार करेंगे, उनका कत्ल कर देंगे। अब भी वक्त है। कल को मोदी जी और अमित शाह आपको बचाने नहीं आ पाएंगे।