शराब पीकर हुए झगड़े में राजबाग कॉलोनी निवासी कांट्रेक्टर अरविंद कुमार (30) की शनिवार शाम साथी कांट्रेक्टर और उसके कर्मचारियों ने दिल्ली के मंडावली में चल रही साइट पर पीट-पीटकर हत्या कर दी।
आरोपी रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अरविंद को मरा हुआ समझ कर घर के बाहर छोड़कर भाग गए। परिजन उसे पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आरोपी कांट्रेक्टर शिवपाल, मिस्त्री जोगेंद्र, मुनीम कमल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक साथी सौरभ की तलाश की जा रही है।
रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में ठेकेदारी करने वाले अरविंद कुमार राजबाग कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पिता राजेंद्र प्रसाद, मां चंपादेवी, भाई प्रवीन, पत्नी रूपा और बेटी रितिका हैं।
पिता राजेंद्र प्रसाद के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे अरविंद के फोन पर किसी की कॉल आई, जिसके बाद अरविंद घर से चला गया।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे शिवपाल, कमल, जोगेंद्र व सौरभ आए और दरवाजा खुलवाकर कहा कि अरविंद ने ज्यादा शराब पी ली है। उसे कमरे में लिटाना है।
इसके बाद चारों उसे दरवाजे पर छोड़कर भाग गए। परिजन जब उसके पास गए तो देखा कि उसकी सांसें रुकी थीं। वह अरविंद को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी कांट्रेक्टर शिवपाल, कमल निवासी राजबाग और जोगेंद्र निवासी मंडावली को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि सौरभ की तलाश की जा रही है।
साइट पर जोगेंद्र से हुआ झगड़ा
एसओ साहिबाबाद हरिदयाल यादव ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि अरविंद और शिवपाल दोनों पार्टनरशिप में ठेका लेकर मंडावली में एक मकान बना रहे हैं।
शनिवार शाम को दोनों के अलावा मिस्त्री जोगेंद्र, मुनीम कमल और अरविंद का दोस्त सौरभ साथ बैठकर साइट पर ही शराब पी रहे थे। इस दौरान नशे में अरविंद और जोगेंद्र का झगड़ा हो गया।
जोगेंद्र ने डंडा उठाकर अरंविद के सिर में दे मारा। इसके बाद सभी ने अरविंद को पीटा और मौत होने पर शव घर पर छोड़कर भाग गए।
कार में मिले शर्ट के बटन, डंडा
पुलिस जांच में सामने आया है कि एक दोस्त की कार में अरविंद की शर्ट के दो बटन, एक डंडा और अन्य सामान मिला है। सीट मिट्टी से सनी थी।
ऐसे में हो सकता है कि अरविंद को जबरन कार में डालकर लाया गया हो। पिता का कहना है कि हो सकता है कि कार में डालने तक वह जिंदा हो। कार की हालत देखकर लग रहा है कि उससे कार में भी मारपीट की गई है।