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नोएडा: इस विभाग में जीरो पैसे की रसीद कटवाने के लिए भुगतान करने पड़ रहे हैं 300 रुपये

Sat, 06 Oct 2018 03:25 AM IST
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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परिवहन विभाग में सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से अब उपभोक्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से बैंक का नाम हटवाने के लिए जीरो पैसे की रसीद कटवानी पड़ती है जिसके लिए 300 रुपये तक उपभोक्ताओं को चुकाने पड़ रहे हैं। जिसके बाद ही उपभोक्ता की आरसी से एचपी हट पाती है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनसुविधा केंद्र पर सभी कार्यों को जोड़ दिया गया है और वहीं पर सारे काम कराए जा सकते हैं।

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दरअसल, जब भी कोई व्यक्ति बैंक से ऋण लेकर वाहन खरीदता है तो वाहन स्वामी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर बैंक का नाम दर्ज हो जाता है। वाहन स्वामी की ओर से जब बैंक का ऋण जमा करा दिया जाता है तो संबंधित शाखा से एनओसी लेनी होती है। इसके बाद परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवा का प्रयोग करते हुए एक आवेदन संख्या ली जाती है और उसी के साथ जीरो पैसे की रसीद भी ऑनलाइन ही कटवानी पड़ती है।

ऑनलाइन आवेदन संख्या तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन जीरो पैसे की रसीद कटाने में परेशानी आती है। इसके अलावा लोगों को रसीद कटवाने के बारे में जानकारी भी नहीं होती है। जिसके चलते वह परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारियों द्वारा रसीद कटवाने की बात बताई जाती है। उस समय उपभोक्ताओं के पास शून्य पैसे की रसीद को कटवाने के लिए केवल साइबर कैफे ही एक माध्यम बचता है। उपभोक्ता जब जीरो पैसे की रसीद कटवाने के लिए जाते हैं तो साइबर कैफे मालिक 300 रुपये तक ले लेते हैं। परिवहन विभाग की केवल छोटी सी प्रक्रिया के कारण लोगों को 300-300 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।

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क्यों ली जाती है जीरो पैसे की रसीद?

ऑनलाइन व्यवस्था होने से पहले परिवहन विभाग वाहन के रजिस्ट्रेशन के दौरान 100 रुपये फीस लेता था और हाईपोथिकेशन लीज एग्रीमेंट (एचपीए) कटाने के लिए भी 100 रुपये की फीस जमा कराई जाती थी। मगर ऑनलाइन व्यवस्था के बाद से विभाग ने 1500 रुपये कर दिए। इसके बाद एचपीए कटवाने की फीस को खत्म कर दिया था और वाहन स्वामी को केवल शून्य पैसे की फीस की रसीद कटवानी होती है। इस रसीद पर एक संख्या मिलती है उससे ही उपभोक्ता का काम ऑनलाइन व्यवस्था में शुरू होता है।

क्या हो सकता है समस्या का समाधान
विभाग की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया में जीरो पैसे की रसीद कटवाने को समाप्त करके केवल ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से ही काम करें। इसके अलावा विभाग में डीएल बनवाने या रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जो भी ऑनलाइन प्रक्रिया है उसी के तहत एचपीए कटवाने के लिए भी कार्य किया जाए। रसीद कटाने की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया जाए।

विभाग की ओर से सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं और जनसुविधा केंद्रों से कनेक्ट कर दी गई है। गांव-शहर के किसी भी सुविधा केंद्र पर जाकर 20 रुपये शुल्क जमा करके फार्म भरवाने, फीस जमा कराने और रसीद कटवाने का काम किया जा सकता है। हालांकि इसमें क्या सुधार हो सकता है इसके लिए मुख्यालय को लिखा जाएगा।- अजय कुमार त्रिपाठी, आरटीओ गाजियाबाद संभाग
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