40.109 KM भूमिगत लाइन का हो रहा निर्माण
अधिकारियों ने बताया कि टनल का निर्माण ईपीबीएम (अर्थ प्रेशर बैलेंसिंग मेथड) तकनीक से किया गया, जिसमें प्रीकास्ट टनल रिंग्स की कंक्रीट लाइनिंग की गई थी। निर्माण कार्य के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया। फेज-4 के तहत 40.109 किमी भूमिगत लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 19.343 किमी एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के तहत है। इग्नू स्टेशन पर यह ब्रेकथ्रू अप मूवमेंट के लिए बनाई गई टनल के लिए था। इसी के समानांतर डाउन मूवमेंट के लिए दूसरी टनल का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। इसका ब्रेकथ्रू मार्च 2025 में निर्धारित है।
लाइन पर होंगे 11 भूमिगत स्टेशन
23.62 किमी लंबे एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर 15 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 4 एलिवेटेड और 11 भूमिगत स्टेशन होंगे। खास बात यह है कि इस लाइन के दोनों टर्मिनल स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन होंगे, तुगलकाबाद के साथ-साथ एरोसिटी के मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर इंटरचेंज करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा छतरपुर और साकेत जी ब्लॉक मेट्रो स्टेशन पर भी यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे। ऐसे में इस लाइन से यात्री वायलेट, येलो, ऑरेंज लाइन के साथ लाजपत नगर और साकेत जी-ब्लॉक के बीच बनने वाली नई मेट्रो लाइन पर भी इंटरचेंज कर सकेंगे।