प्रशांत भूषण ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। उनका मानना है कि दिल्ली में किसी अधिकारी की नियुक्ति का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल का है।
दिल्ली कैबिनेट और उपराज्यपाल के बीच का टकराव घातक है। इससे संवैधानिक संकट खड़ा होने की आशंका बन रही है। भूषण ने सलाह दी कि सार्वजनिक बयानबाजी की जगह सरकार को कोर्ट का सहारा लेना चाहिए। प्रशांत भूषण ने बृहस्पतिवार को योगेंद्र यादव व आनंद कुमार के साथ जंगपुरा में प्रेस कांफ्रेंस की।
इसमें प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। अधिकारियों की नियुक्तियों का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल के पास है। दिल्ली सरकार के व्यवहार से माहौल अस्थिरता का बन गया है।
इससे राजधानी संवैधानिक संकट की तरफ बढ़ रही है। विवाद बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान जनता को होगा। वहीं, योगेंद्र यादव का मानना है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करना सही है, लेकिन राज्य सरकार का तरीका गलत है।