बढ़ेगा वाहनों का जाम और प्रदूषण
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव विक्रम बधवार ने कहा कि कनॉट प्लेस और दिल्ली की बेहतरी के लिए उठाए जाने वाले किसी भी कदम को अपनाने के लिए कारोबारी साथ हैं, लेकिन ट्रायल के दौरान आउटर सर्कल और मिडल सर्कल में वाहनों का जाम और लंबा हो जाएगा।
रविवार का दिन होने की वजह से वाहनों की संख्या आउटर सर्कल पर कम होती है, सप्ताह के दूसरे दिनों में स्थिति और भी खराब होगी। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि वाहनों का एक बार फिर से जाम बढ़ जाएगा। आउटर सर्कल से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और कश्मीरी गेट बस अड्डा के लिए रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आना जाना होता है। जाम से इन यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाएंगी।
सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद लागू होगा प्लान: सचिव
एनडीएमसी की सचिव रश्मि सिंह ने कहा कि ट्रायल के दौरान सभी पहलुओं पर अधिकारियों और कर्मियों सहित तमाम समूहों की नजर है। इस दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया गया ताकि बाद में परेशानी पैदा न हो। ट्रायल के दौरान के अनुभवों के आधार पर इस पहल में शामिल सभी विभागों और कारोबारियों के साथ विचार विमर्श और अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। सचिव ने कहा कि इस पहल से पार्किंग में मदद की गई ताकि आवागमन में परेशानियां न हो। ट्रायल के बाद मिलने वाले सुझावों के आधार पर नीतियों में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं ताकि पैदल चलने वालों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले। इस पहल का उद्देश्य कनॉट प्लेस को पैदल चलने वालों के लिए और सुलभ बनाने सहित प्रदूषण और जाम से मुक्त बनाना है।
पूरे सप्ताह लागू होने से और बढ़ जाएंगी मुश्किलें
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अतुल भार्गव ने कहा कि ट्रायल सफल नहीं हो सका है। पहले दिन वाहनों के जाम की स्थिति रही, जिससे प्रदूषण में भी बढ़ोतरी होगी। इस वजह से बिक्री में कमी हुई है। इस योजना को पूरे सप्ताह लागू किया जाएगा तो कारेाबारियों को कनॉट प्लेस छोड़कर कहीं और पलायन करना पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान होने की वजह से कारोबारियों के यहां काम करने वाले कर्मियों की भी छंटनी होगी, नतीजतन मुश्किलें और बढ़ेंगी। पैदल चलने वालों के लिए पहले ही पर्याप्त जगह है और यह देश भर की तमाम मार्केट की तुलना में सबसे बड़ा पेडेस्ट्रियन है। कारोबारियों का कहना है कि जनपथ से वाहनों के प्रवेश और बाबा खड़क सिंह से निकासी के प्रस्ताव को बदला जाना ठीक नहीं है। इसमें किए बदलाव से हर तरह की परेशानियां बढ़ जाएंगी।