राजीव गांधी के नाम पर भी कांग्रेसी एकत्र नहीं हो पा रहे हैं। शनिवार को कांग्रेस द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथी के मौके मेवात में कांग्रेस की फूट साफ नजर आई। दो जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि पेश की गई।
यह कार्यक्रम नूंह में दो स्थानों पर आयोजित किया गया। जिसमें एक कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष आफताब अहमद तथा दूसरे कार्यक्रम की अध्यक्षता मेवात जिला प्रभारी मोहम्मद बिलाल ने की। आफताब अहमद ने कहा कि राजीव गांधी केवल एक कांग्रेसी ही नहीं बल्कि वे राष्ट्रीय धरोहर थे। उन्होंने देश में कंप्यूटर युग की शुरूआत की। आईटी के माध्यम से देश को मोबाइल, लैपटाप, कंप्यूटर दिया।
जिसके माध्यम से देश आज दुनिया के कदम से कदम मिलाकर चल रहा हैं। जबकि उनकी इस नीति का विरोध भाजपा ने जोरदार तरीके से किया था और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बैलगाडी में सवार होकर संसद गए थे। नरेंद्र मोदी आईटी के कारण ही देश के प्रधानमंत्री बने हैं।
सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री की शहादत को भुलाकर देश के महापुरुषों का अपमान किया हैं। उन्होंने इसके लिए निंदा प्रस्ताव पारित कर कार्यकर्ताओं का आहवान किया। जिसका कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
नूंह अनाजमंडी में पूर्व चेयरमैन शकूर खान के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस जिला प्रभारी मोहम्मद बिलाल ने कहा कि भाजपा असम में जीत हासिल कर कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रही हैं, जबकि देश की आजादी में कांग्रेस की सबसे बडी भूमिका थी। जिसे भुलाया नहीं जा सकता और देश को कांग्रेस मुक्त नहीं किया जा सकता।