कच्ची कॉलोनी का मुद्दा राजनीतिक रंग में रंगने लगा है। दिल्ली की तीनों मुख्य पार्टी इस मुद्दे पर क्रेडिट लेने की दौड़ में है। भाजपा कच्ची कॉलोनी को पक्की करने का अहम भर रही है तो कांग्रेस ने भाजपा पर अनधिकृत कॉलोनी के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने भाजपा व आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टी अनधिकृत कॉलोनी के लोगों को गुमराह कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि दोनों पार्टियां 40 लाख लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रही है।
दोनों दलों ने एक षड्यंत्र के तहत कांग्रेस द्वारा जारी अधिसूचना को निरस्त करके नई अधिसूचना जारी की है। इन कॉलोनियों के नियमन के मुद्दे को दोनों पार्टी उलझा कर रखना चाह रही है। इतना ही नहीं दिल्ली की लगभग 40 प्रतिशत कालोनियों को तोड़ने का षड्यंत्र किया जा रहा है। इसे कांग्रेस कामयाब नहीं होने देगी।
यह पहला मौका है जब केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कालोनियों की सूची को सदन पटल पर नही रखा। उन्होंने यह भी कहा कि सदन पटल पर सूची नहीं रखना यह साबित करता है कि भाजपा को इस बात का पहले से अपराधबोध है कि सूची सामने आने के बाद दिल्ली के लोग उन्हें चैन से नही बैठने देंगे। कांग्रेस ने कहा कि कॉलोनियों के नियमन के संबध में कांग्रेस को सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीति मंजूर है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका यह कहना कि दिल्ली सरकार केन्द्र को पहले ही इन कालोनियों को नियमित करने की सिफारिश कर चुकी है, पूरी तरह गलत है। दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट रुप से उल्लेख है कि कालोनियों की सीमा निर्धारित करने का काम दिल्ली सरकार का है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी कालोनियों में मिठाई बांटकर लोगों जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी पर भी लवली ने गुमराह करने का आरोप मढ़ा। पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि 3 दिसंबर को निर्माण भवन का घेराव कांग्रेस कार्यकर्ता करेंगे।