आगामी विधानसभा चुनाव की बिसात बिछते ही भाजपा की निगाहें 12 आरक्षित सीटों पर टिक गई हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में सभी आरक्षित सीटों हार का स्वाद चख चुकी भाजपा इस बार समझौते के मूड में नहीं है।
अभी से ही दिल्ली अनुसूचित मोर्चा को सभी सीटों पर सक्रिय होने का निर्देश दिया गया है। रणनीति के तहत मोर्चा 10 हजार बैठक करने के बाद इसी महीने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बड़ी रैली आयोजित करेगा।
राजधानी में आरक्षित सीटों पर मतदाताओं से सीधे संपर्क के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नेताओं की टीम बनाई गई है। इस रणनीति के तहत सभी सुरक्षित विधानसभा सीटों पर अनुसूचित जाति समाजों का सम्मेलन पांच दिसंबर तक किया जाएगा।
यह भी तय किया गया है कि छह दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर के महा परिनिर्वाण दिवस पर दिल्ली की सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।
आम लोगों के बीच पहुंचकर भाजपा की नीतियों से अवगत किया जाए और इसके साथ यह भी बताया जाए कि सरकार की दखल के बाद यह तय कर लिया गया है कि संत रविदास मंदिर का पूर्ववत निर्माण किया जाएगा।
अनुसूचित जाति मोर्चा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मेयर योगेंद्र चंदोलिया ने बताया कि अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष मोहनलाल गिहरा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया है कि ना केवल आरक्षित सीटों बल्कि अन्य 58 सीटों पर अनुसूचित जाति मोर्चा का अधिक से अधिक वोट मिल सके इसे लेकर विशेष नीति बनाई गई है।
अनुसूचित जाति मोर्चा के नेताओं की टोली घर-घर जाएगी। यह प्रण लिया गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 12 सुरक्षित सीटों पर भाजपा की जीत हो।