जहां एक ओर दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखने वाले मुखी के लिए बीजेपी ने जनकपुरी जैसी सुरक्षित सीट की तलाश की तो वहीं दूसरी ओर अब मुखी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
कांग्रेस ने उनके दामाद सुरेश कुमार को मुखी के खिलाफ ही विधानसभा चुनावों में टिकट देने के संभावनाओं पर जोर देना शुरु कर दिया है। पूरी संभावना हु कि मुखी को अपने दामाद के खिलाफ ही इस सीट से चुनावी जंग लड़नी पड़े।
वैसे तो मुखी ने भाजपा को टिकट के इस मामले पर समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन पार्टी इस मसले को यूं ही दरकिनार नहीं करना चाहती। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को लगता है कि एक ही सीट पर जब एक ही परिवार के लोग चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें नुकसान हो सकता है।