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कांग्रेस दे सकती है 'आप' को समर्थन : शीला दीक्षित

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बृहस्पतिवार को एक नया बयान देकर राजनीति में हलचल ला दी। शीला ने कहा कि दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला है। तीनों पार्टी चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस मजबूत होगी। समर्थन लेने और देने की स्थिति में होंगे। अगर विधानसभा त्रिशंकु हुई तो सांप्रदायिक पार्टी को रोकने के लिए आप को समर्थन देने का विकल्प खुला है।
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शीला दीक्षित ने हालांकि दोनों पार्टी के बीच किसी गठबंधन की संभावना से इंकार किया है। यह भी कहा कि अभी तो चुनाव भी घोषित नहीं हुए हैं। जनता ने तीनों दलों का राज देखा है, उसी हिसाब से वोट करेंगे।

दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने कहा है कि बयान शीला दीक्षित का निजी बयान है। इससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। विधायक दल के पूर्व नेता हारून यूसुफ ने कहा कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर सरकार में आने की बजाय विपक्ष में बैठना अधिक पसंद करेगी।
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क्या मायने है शीला दीक्षित के बयान के

उल्लेखनीय है कि शीला दीक्षित पहले कह चुकी हैं कि वह सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगी। ऐसे में शीला दीक्षित के बयान के क्या मायने हैं, इस पर सवाल जरूर हैं।
दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको यह कह चुके हैं कि शीला दीक्षित दिल्ली की स्टार प्रचारक होंगी। ऐसे में अगर कांग्रेस इस स्थिति में आती है कि सरकार बनाने में भूमिका निभा सके तो यह बयान बड़ा मायने रखता है।

बीते चुनाव में कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं और बिना समर्थन मांगे आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की चिट्ठी उपराज्यपाल को सौंप दी गई थी। आप संयोजक अरविंदर केजरीवाल ने बाद में सरकार से इस्तीफा दिया।

अब केजरीवाल कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो इस्तीफा देने की गलती नहीं करेंगे। ऐसे में कांग्रेस के नेता समर्थन देकर हाशिये पर जाने की संभावना से इंकार कर रहे हैं।
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