कांग्रेस नेता प्रियरंजन दास मुंशी पिछले छह वर्ष से कोमा में हैं। इस समय उनका इलाज दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में चल रहा है।
उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि हालत खतरे से बाहर बिल्कुल भी नहीं है, हालांकि वे आईसीयू अथवा सीसीयू में भर्ती नहीं है।
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उन्हें अस्पताल के स्वीट रूम में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि मस्तिष्क को छोड़कर उनके शरीर के करीब-करीब सभी अंग काम कर रहे हैं।
मुंशी को न तो ऑक्सीजन लगा है और न ही भोजन के नाम पर अक्सर ग्लूकोज चढ़ाया जाता है। लेकिन उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वे खुद अपना कार्य कर सकें।
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अक्तूबर-2008 में हार्ट अटैक के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
नवंबर-2009 में स्टेम सेल थेरेपी के लिए उन्हें जर्मनी ले जाया गया था। करीब डेढ़ वर्ष तक इलाज कराने के बाद वर्ष-2011 में वापस भारत लौटे थे। तब से उनका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इलाज पर करोड़ों खर्च
प्रियरंजन दास मुंशी के इलाज पर अभी तक कितना खर्च हुआ है इस पर अस्पताल-प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इस संबंध में कांग्रेस कार्यालय अथवा लोकसभा सचिवालय से जानकारी मिल सकती है।
हालांकि एक अनुमान के मुताबिक उनके इलाज पर प्रति माह करीब आठ से नौ लाख रुपये खर्च हो रहा है। जिस कमरे में उन्हें भर्ती किया गया है उसका प्रतिदिन का किराया 25 हजार रुपये है।