केजरीवाल सरकार की तारीफों के पुल बांधने पर कांग्रेस में एक बार फिर झगड़ा शुरू हो गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलने से जहां पार्टी के नेताओं में निराशा है, वहीं इसी दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा के एक ट्वीट पर अजय माकन और अलका लांबा ने उन्हें आड़े हाथों लिया है।
माकन ने अधूरी जानकारी के आधार पर राजस्व के मामले में आम आदमी पार्टी की तारीफ करने पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें कोई और पार्टी अच्छी लगती है तो ऐसे बयान देने की बजाय कांग्रेस छोड़ देनी चाहिए।
कांग्रेस की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद मिलिंद देवड़ा के ट्वीट पर दिए बयान पर जवाबी हमला करते हुए माकन ने यह भी सवाल दाग दिया है कि क्या वह आम आदमी पार्टी का रुख करने की तैयारी में हैं।
माकन ने केजरीवाल सरकार के पिछले पांच वर्ष में राजस्व दोगुना करते हुए 60 हजार करोड़ तक पहुंचने के देवड़ा के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की अधूरी जानकारी देने की बजाय पार्टी को छोड़ देना चाहिए, कृपया जल्द से जल्द इस बारे में फैसले लेने का सुझाव दिया है।
माकन ने 1997-98 में पूर्व की शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल के दौरान राजस्व का जिक्र करते हुए कहा कि 1997-98 में यह आंकड़ा 4073, 2013-14 में 37459 करोड़ था। कांग्रेस के कार्यकाल में 14.87, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में वृद्धि दर 9.90 फीसदी रही।
उधर, चांदनी चौक से पूर्व विधायक अलका लांबा ने भी इस ट्वीट पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पहले अपने पिता के नाम पर पार्टी में प्रवेश कर टिकट और फिर जीत की लहर में पहली बार में केंद्रीय मंत्री का पद हासिल करने वालों को इस बात की चिंता नहीं है कि पार्टी के साथ कैसे संघर्ष करें, ताकि दोबारा कांग्रेस सत्ता में कैसे आ सके। पार्टी के नेताओं को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन कुछ नेता ऐसे हैं जो बगैर जानकारी के आप सरकार की तारीफ करने में जुटे हुए हैं।