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बैठक में भिड़े कांग्रेसी दिग्गज, कुर्सी फेंकी

Thu, 04 Feb 2016 10:30 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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मेयर उपचुनाव को लेकर बुलाई गई कांग्रेस के सीनियर पदाधिकारियों की बैठक शुक्रवार को अखाड़ा बन गई। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नसीब सिंह और चुनाव प्रभारी मेहरबान आलम के सामने पूर्व सांसद सुरेंद्र गोयल व प्रदेश महासचिव बिजेंद्र यादव के बीच जमकर गाली-गलौज हुई।
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गुस्से में बिजेंद्र यादव ने सुरेंद्र गोयल पर कुर्सी फेंकी, हालांकि कुछ लोगों ने कुर्सी पकड़ ली और किसी को नहीं लगी। लात-घूंसे चलने की नौबत आते देख अन्य पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

बुधवार शाम करीब पांच बजे मेयर उपचुनाव की रणनीति को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नसीब सिंह और मेहरबान आलम के अलावा कांग्रेस के विधानमंडल दल के नेता नसीब पठान, पूर्व मंत्री सतीश शर्मा, राजपाल त्यागी, कार्तिकेय कौशिक, सतीश त्यागी, पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी, संजीव शर्मा, लोकश चौधरी, महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा और जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना मौजूद थे।
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बैठक में चुनाव के कमजोर प्रचार को लेकर चर्चा चल रही थी। प्रदेश महासचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने महानगर संगठन समेत पूर्व सांसद को निशाने पर ले लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि महानगर अध्यक्ष व पूर्व सांसद मेयर के तीन चुनाव लड़ा चुके हैं। 80 वार्डों के हिसाब से तीन बार के प्रत्याशी 240 कार्यकर्ता तो होने चाहिए।

महानगर संगठन 80 वार्डों में वार्ड अध्यक्ष और उनकी कमेटी भी नहीं बना पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट बांटते समय सुरेंद्र गोयल और दो अन्य नेता अपने चहेतों की लिस्ट थमा देते हैं।

कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता। उन्होंने पैसा लेकर टिकट देने का भी आरोप लगाया। इस पर पूर्व सांसद सुरेंद्र गोयल का पारा चढ़ गया। बिजेंद्र यादव का आरोप है कि पूर्व सासंद ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

सबको चले जाने को कहने लगे। इस पर बिजेंद्र यादव का पारा भी चढ़ गया और उन्होंने भी पूर्व सांसद को खूब सुनाई। गुस्से में उन्होंने सुरेंद्र गोयल पर कुर्सी फेंक दी। हालांकि अन्य नेताओं ने रोक ली। बैठक में जमकर हंगामा हुआ।

बाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव नसीब सिंह, चुनाव प्रभारी मेहरबान आलम ने मामला शांत कराया। उन्होंने एकजुट होकर काम करने की नसीहत दी। हालांकि बाद में उन्होंने इस प्रकरण पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।

मैंने राष्ट्रीय सचिव के सामने सिर्फ अपनी बात रखी थी कि जो वार्ड कमेटियां अब तक नहीं बनीं तो दो दिन में कैसे बना देंगे। पूर्व में जिन लोगों को टिकट दिए गए थे वे चुनाव में क्यों नहीं आ रहे और बड़े नेता प्रचार में क्यों नहीं उतर रहे। पूर्व सांसद ने गाली-गलौज की। मैंने कुर्सी नहीं फेंकी है। - बिजेंद्र यादव, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस
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