वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों का कहना है कि वो 2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड के ग्रुप-डी की लिखित परीक्षा में पास हो गए थे। जो अभ्यर्थी पास हुए थे उन्हें विभाग की तरफ से कहा गया था कि उनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा। कुछ दिन के बाद रेलवे ने इस परीक्षा में सीट बढ़ा दी, लेकिन जब रिवाइज नतीजा आया तो उसमें पहले से परीक्षा पास करने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों का नाम नहीं था। जिससे नाराज दिव्यांग अभ्यर्थी लगभग एक हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह है मामला
रेलवे ने 2018 में ग्रुप-डी के पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें कई पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति दे दी गई। विभाग ने पहले परीक्षा को 7 वर्गों में बांटा था। परंतु बाद में 14 श्रेणियां और बढ़ा दी गईं। जिससे परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार भी नौकरी से वंचित रह गए।