कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा-फाइल फोटो
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लद्दाख में हिंसक झड़पों के एक दिन बाद कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह संकट भाजपा की नीतियों का नतीजा है। पार्टी ने दोहराया कि लद्दाख की राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है।
बुधवार को लेह में हुए प्रदर्शनों के दौरान आगजनी और हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
भाजपा की वजह से ये सब हुआ
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा- लद्दाख में हुई जानहानि बेहद दुखद है। यह सरकार की नाकाम वादों की याद दिलाती है। 2019 में संसद में कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ जो हुआ है, उसके बाद शांति स्थापित होगी, लेकिन छह साल बाद हालात और बिगड़ गए हैं। केंद्र की नीतियों ने न सिर्फ घाटी बल्कि जम्मू और लद्दाख को भी हिंसा की आग में झोंक दिया है। लद्दाख की पहचान और गरिमा की मांग को उपेक्षा नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और नेतृत्व से जवाब मिलना चाहिए।
बुधवार को युवाओं के समूहों ने आगजनी कर भाजपा और हिल काउंसिल के दफ्तरों को निशाना बनाया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि हालात बुधवार शाम तक नियंत्रित कर लिए गए और लोगों से अपील की कि पुराने या भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर न फैलाएं। मंत्रालय ने हिंसा के पीछे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कुछ राजनीतिक तत्वों के बयानों को जिम्मेदार बताया। गुरुवार को लेह में कर्फ्यू सख्ती से लागू किया गया और पुलिस ने करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया।