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दिल्ली: कांग्रेस ने लगाया एमसीडी पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप, सीबीआई जांच की उठाई मांग

Sun, 12 Jan 2020 07:26 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस - फोटो : social media
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कांग्रेस ने तीनों नगर निगमों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों के घोटाले में लिप्त रही एमसीडी का देश के 205 निगमों में से भ्रष्ट निगमों में पहला स्थान है। कांग्रेस ने कहा कि सदनों में महालेखाकार नियंत्रक (सीएजी) की रिपोर्ट नहीं रखी गई। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

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प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तीनों निगमों के भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा और मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने पेंशन घोटाला, कूड़े के वाहनों की खरीद और नाले के निर्माण सहित कई मदों में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप लगाए।

चोपड़ा ने आरोप लगाया कि गैर-कानूनी तौर पर सील की गई संपत्तियों को डी-सील करने के नाम पर लाखों रुपये वसूल किए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच नूरा कुश्ती में पूरी दिल्ली पिस रही है।
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दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि तीनों एमसीडी में विकास कार्य नहीं किए जाने पर उनकी तरफ से दिल्ली सरकार पर फंड न देने के आरोप मढ़ दिए जाते हैं, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार बार-बार केंद्र पर राशि आवंटित न किए जाने के आरोप लगाती रही है।

मुकेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ईंट लगाने के लिए भी एमसीडी में रिश्वत देनी पड़ती है। सीएजी की रिपोर्ट सदनों में पेश नहीं किए जाने से यह बात साबित हो जाती है कि घोटालों को छिपाने के लिए भी ऐसा किया गया। सीएजी की तरफ से 1472 से अधिक बिंदुओं पर आपत्तियां लगाई गई थीं, जिनमें महज 77 मामलों पर ही आंतरिक ऑडिट की गई। शेष मामलों में निगमों ने गंभीरता नहीं दिखाई।

...तो 2000 करोड़ से अधिक के घोटाले का खुलासा होता
तीनों एमसीडी के पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सभी बिंदुओं पर ऑडिट करवाया जाता तो 2000 करोड़ से अधिक के घोटाले का खुलासा होता। शीला सरकार के कार्यकाल में फंड की 14 फीसदी की कमी थी, जो अब बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई है। पूर्वी दिल्ली की पार्षद ने आरोप लगाया कि कूड़ा उठाने के नाम पर 215 करोड़ का घोटाला किया गया। 

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