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दिल्लीः सुबह असमंजस, शाम तक सभी बॉर्डर सील, लाखों लोग परेशान

Wed, 03 Jun 2020 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • आनंद विहार बॉर्डर से सुबह मिला प्रवेश
  • बगैर पास नौकरीपेशा को भी प्रवेश नहीं
  • गाजीपुर बॉर्डर अचानक सील, भीषण जाम
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बॉर्डर पर हलकान... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कोरोना वायरस फैलाने के आरोप और अपने बॉर्डर सील करने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सीमाएं 7 दिन के लिए सील करने की घोषणा की थी। इसे लेकर मंगलवार सुबह से ही असमंजस था। सुबह दिल्ली के कुछ बॉर्डरों पर बाहरी राज्यों के लोगों को प्रवेश करने से सख्ती से रोक दिया गया तो कहीं कोई चेकिंग नहीं थी। कहीं-कहीं कुछ मनुहार करने के बाद पुलिस ने लोगों को जाने दिया। शाम होते-होते लगभग सभी बॉर्डरों पर सख्ती कर दी गई। इसके कारण लाखों लोगों को दिनभर परेशान होना पड़ा। देरशाम तक लोग पुलिसवालों के सामने घर जाने देने की गुहार लगा रहे थे।

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आनंद विहार बॉर्डर से सुबह मिला प्रवेश
सुबह आनंद विहार बॉर्डर से प्रवेश में लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। लोग वाहनों में आसानी से दिल्ली में जा रहे थे। दिल्ली पुलिस ने नियमित जांच के लिए कुछ बैरिकेड जरूर लगा रखे थे, लेकिन वे किसी को भी जाने से रोक नहीं रहे थे। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का मौके पर ही चालान काटा जा रहा था। एक व्यक्ति विनोद ने बताया कि वे सुबह 11 बजे गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन वहां पुलिस नेे बिना पास प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद उन्हें सूचना मिली कि आनंद विहार से प्रवेश मिल रहा है।

इसके बाद वे घूमकर आनंद विहार से चले गए। यहां तैनात दिल्ली पुलिस के एक जवान से पुछा गया तो उसने कहा कि उसका कहना था कि इसे लेकर उन्हें अभी कोई आदेश नहीं मिला है। हालांकि, दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जाने वाले रास्ते पर यूपी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। यहां से किसी को भी यूपी की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
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बगैर पास नौकरीपेशा को भी प्रवेश नहीं
एक हफ्ते के लिए सीमाएं सील करने की सीएम की घोषणा का यहां खासा असर दिखा। सोमवार को नर्मी बरत रही दिल्ली पुलिस मंगलवार को खासी सख्त दिखी। बगैर पास के उसने किसी को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया। हालांकि वाहन दिल्ली से फरीदाबाद बेरोक-टोक जा रहे थे। दोपहर 2:30 बजे एमसीडी टोल टैक्स से पहले वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी थीं। दिल्ली पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की बैरीकेडिंग से बगैर पास वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स से पहले ही यू-टर्न करा वापस भेजा जा रहा था।

फरीदाबाद निवासी सुभाष ओखला फेज-1 स्थित अपने दफ्तर जा रहे थे। उन्होंने दफ्तर का आई-कार्ड दिखाया, लेकिन पास नहीं होने के कारण पुलिसकर्मियों ने लौटा दिया। इस बीच, फरीदाबाद निवासी शंभूलाल अपने बेटे के साथ दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने आ रहे थे। उनके पास भी पास नहीं था। डॉक्टर से अपाइंटमेंट की बात कर उन्होंने जाने देने का अनुरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने जाने दिया। इससे बॉर्डर पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। उधर, दिल्ली से फरीदाबाद जाने वाले वाहन बिना रोक-टोक के जा रहे थे। हरियाणा पुलिस की बैरीकेडिंग तो थी, लेकिन वहां एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

 

गाजीपुर बॉर्डर अचानक सील, भीषण जाम

गाजीपुर बॉर्डर मंगलवार सुबह 11 बजे तक खुला रहा। वाहन दिल्ली में बगैर रोक-टोक प्रवेश कर रहे थे। सुबह 11:00 बजे दिल्ली पुलिस ने अचानक यूपी गेट सीमा पर बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया। इसके बाद उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया गया, जो पास दिखा रहे थे। इससे जाम लगना शुरू हो गया। यहां तैनात पुलिसकर्मियों का कहना था कि उनके पास सुबह 10 बजे तक बॉर्डर सील करने का कोई निर्देश नहीं था।

अब अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर बॉर्डर सील किया गया है। बॉर्डर सील होने के कारण गाजियाबाद और नोएडा आदि से नौकरी के लिए दिल्ली जाने वालों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पास न दिखा पाने वालों को दिल्ली पुलिस ने यूपी गेट से वापस भेज दिया।

बॉर्डर सील होने से लोगों में काफी नाराजगी नजर आई। कई वाहन चालकों ने काफी देर तक पुलिस से कहासुनी भी की। गाजियाबाद से सटे चिल्ला और दिलशाद गॉर्डन बॉर्डर को भी पुलिस ने सील कर दिया। यहां भी सुबह 10:00 बजे तक यातायात सामान्य था। उधर, उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले वाहनों को पुलिस पास की जांच के बाद इजाजत दे रही थी। चेकिंग में लगने वाले समय के कारण दिल्ली से जाने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी थी। सुबह 10 बजे के बाद गाजियाबाद बॉर्डर पर लगी बैरिकेड हट गई। चेकिंग न होने से यातायात सामान्य हो गया।

सिरहौल बॉर्डर : ई-पास देखने के बाद ही मिला प्रवेश
नजारा आज कुछ अलग था। दो दिन पहले तक गुरुग्राम में प्रवेश से लोगों को रोका जाता था तो आज दिल्ली में। गुरुग्राम जाने वाले वाहन फर्राटा भरते हुए दाखिल हो रहे थे, जबकि दिल्ली में केवल आवश्यक सेवाओं और ई पास वालों को ही प्रवेश करने दिया गया। इस दौरान कई बार लगे जाम में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पास दिखाने में कई बार देरी की वजह से भी पीछे वाहनों की भीड़ लग रही थी।
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लोगों ने कहा...

खोड़ा से गाजीपुर की मुर्गा मंडी में कारोबार के सिलसिले में जाता हूं। सुबह गया तो किसी ने नहीं रोका। दोपहर बाद लौटा तो देखा कि पुलिस बगैर पास के किसी को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दे रही है। 
- आबिद, कारोबारी
शाहदरा में रहने वाली बुुआ की तबियत खराब होने की सूचना पर मुरादाबाद से आया था। सुबह तक पास की कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस के बॉर्डर सील करने से घर लौटना पड़ रहा है।
 - गुड्डू
पत्नी को अस्पताल में दिखाने जा रहा था, लेकिन पास न होने की वजह से पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर से वापस कर दिया। अब डॉक्टर से पहले पुलिस का पास बनवाना जरूरी है। पुलिस को डॉक्टर का पर्चा भी दिखाया, लेकिन वे नहीं माने। 
- अजय, कारोबारी
गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता हूं। अनलॉक-1 में राहत मिली तो जबलपुर जाने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहा हूं। पुलिस की सख्ती के कारण कार छोड़कर बॉर्डर पैदल ही पार करना पड़ा।
- सिद्धार्थ
मुझे तो नहीं रोका गया, लेकिन कुछ फैक्ट्रीकर्मियों को दिल्ली में घुसने से रोककर लौटाया गया है। 
- अखिलेश, कार शोरूम कर्मी
लॉकडाउन से पहले काम की तलाश में आया था। अब इंटीरियर डेकोरेशन का काम तलाश रहा हूं। बॉर्डर कभी बंद तो कभी खोलने के आदेश से आम लोग परेशान हैं।
- सोनू
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