गाजीपुर बॉर्डर मंगलवार सुबह 11 बजे तक खुला रहा। वाहन दिल्ली में बगैर रोक-टोक प्रवेश कर रहे थे। सुबह 11:00 बजे दिल्ली पुलिस ने अचानक यूपी गेट सीमा पर बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया। इसके बाद उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया गया, जो पास दिखा रहे थे। इससे जाम लगना शुरू हो गया। यहां तैनात पुलिसकर्मियों का कहना था कि उनके पास सुबह 10 बजे तक बॉर्डर सील करने का कोई निर्देश नहीं था।
अब अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर बॉर्डर सील किया गया है। बॉर्डर सील होने के कारण गाजियाबाद और नोएडा आदि से नौकरी के लिए दिल्ली जाने वालों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पास न दिखा पाने वालों को दिल्ली पुलिस ने यूपी गेट से वापस भेज दिया।
बॉर्डर सील होने से लोगों में काफी नाराजगी नजर आई। कई वाहन चालकों ने काफी देर तक पुलिस से कहासुनी भी की। गाजियाबाद से सटे चिल्ला और दिलशाद गॉर्डन बॉर्डर को भी पुलिस ने सील कर दिया। यहां भी सुबह 10:00 बजे तक यातायात सामान्य था। उधर, उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले वाहनों को पुलिस पास की जांच के बाद इजाजत दे रही थी। चेकिंग में लगने वाले समय के कारण दिल्ली से जाने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी थी। सुबह 10 बजे के बाद गाजियाबाद बॉर्डर पर लगी बैरिकेड हट गई। चेकिंग न होने से यातायात सामान्य हो गया।
सिरहौल बॉर्डर : ई-पास देखने के बाद ही मिला प्रवेश
नजारा आज कुछ अलग था। दो दिन पहले तक गुरुग्राम में प्रवेश से लोगों को रोका जाता था तो आज दिल्ली में। गुरुग्राम जाने वाले वाहन फर्राटा भरते हुए दाखिल हो रहे थे, जबकि दिल्ली में केवल आवश्यक सेवाओं और ई पास वालों को ही प्रवेश करने दिया गया। इस दौरान कई बार लगे जाम में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पास दिखाने में कई बार देरी की वजह से भी पीछे वाहनों की भीड़ लग रही थी।
खोड़ा से गाजीपुर की मुर्गा मंडी में कारोबार के सिलसिले में जाता हूं। सुबह गया तो किसी ने नहीं रोका। दोपहर बाद लौटा तो देखा कि पुलिस बगैर पास के किसी को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दे रही है।
- आबिद, कारोबारी
शाहदरा में रहने वाली बुुआ की तबियत खराब होने की सूचना पर मुरादाबाद से आया था। सुबह तक पास की कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस के बॉर्डर सील करने से घर लौटना पड़ रहा है।
- गुड्डू
पत्नी को अस्पताल में दिखाने जा रहा था, लेकिन पास न होने की वजह से पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर से वापस कर दिया। अब डॉक्टर से पहले पुलिस का पास बनवाना जरूरी है। पुलिस को डॉक्टर का पर्चा भी दिखाया, लेकिन वे नहीं माने।
- अजय, कारोबारी
गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता हूं। अनलॉक-1 में राहत मिली तो जबलपुर जाने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहा हूं। पुलिस की सख्ती के कारण कार छोड़कर बॉर्डर पैदल ही पार करना पड़ा।
- सिद्धार्थ
मुझे तो नहीं रोका गया, लेकिन कुछ फैक्ट्रीकर्मियों को दिल्ली में घुसने से रोककर लौटाया गया है।
- अखिलेश, कार शोरूम कर्मी
लॉकडाउन से पहले काम की तलाश में आया था। अब इंटीरियर डेकोरेशन का काम तलाश रहा हूं। बॉर्डर कभी बंद तो कभी खोलने के आदेश से आम लोग परेशान हैं।
- सोनू