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महिला के बहाने सड़क पर आई हुड्डा-तंवर की ‘लड़ाई’

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कांग्रेस से टिकट न मिलते देखकर मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर ने पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री-प्रदेश अध्यक्ष के बीच अंदरखाने चल रही कलह को उन्होंने सार्वजनिक तौर पर उछाल दिया है।
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उनका कहना है कि सीएम को तंवर से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि उनके खिलाफ बड़ी राजनीतिक साजिश हो रही है। सूत्रों का कहना है कि अपने लिए मुश्किल बन रहे अशोक तंवर के खिलाफ बिगल बजाने के लिए शारदा राठौर को मुख्यमंत्री ने आगे कर दिया है।

मुख्यमंत्री चाहते हैं कि शारदा को टिकट मिले इसलिए उन्होंने भारी विरोध के बावजूद अपने सांसद पुत्र को राठौर के कार्यालय पर भेजा, लेकिन तंवर ऐसा नहीं चाहते। ऐसे में अब शारदा मुख्यमंत्री की तारीफ और तंवर पर आरोपों की बौंछार कर रही हैं।
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राठौर का कहना है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा में बन नहीं रही है। दोनों में कुछ मसलों पर जबरदस्त खींचतान चल रही है। उनका कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री के साथ भी अपने वैचारिक मतभेदों को सार्वजनिक कर रहे हैं तो उन्हें परोक्ष रूप से भी चुनौती दे रहे हैं।
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'पार्टी की हार सुनिश्चित करना चाहते हैं प्रदेश अध्यक्ष'

शारदा का कहना है कि उन्हें ‘विश्वस्त सूत्रों’ से पता चला है कि प्रदेश अध्यक्ष कमजोर प्रत्याशियों को चुनाव लड़वाकर पार्टी की हार सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि इसका ठीकरा मुख्यमंत्री के सिर फूटे और प्रदेश अध्यक्ष को भविष्य में अपनी राजनीति चमकाने का मौका मिले।

वह परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री को ललकार रहे हैं। कह रहे हैं कि चुनाव बाद विधायक तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण का काम केंद्रीय चुनाव समीति का है न कि प्रदेश अध्यक्ष का। वह तो सिर्फ अपनी राय दे सकते हैं। हैरानी इस बात की है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ऐसी स्तरहीन बयानबाजी पर लगाम नहीं लगा रहा है।

नौकरी लगाने में हुआ भेदभाव
शारदा ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में नौकरियों के मामले में भेदभाव हुआ। निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नौकरियों में अनदेखी की वजह से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का मन बनाया था। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सम्मान दिलाने का वायदा करके फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।
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