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गुड़गांव में कंडोम बांटने वाली मशीनें चोरी

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गुड़गांव में केंद्रीय परिवार नियोजन एवं कल्याण विभाग शहर पर ध्यान नहीं दे रहा है। परिवार नियोजन के लिए जरूरी कंडोम की आपूर्ति साइबर सिटी में बहुत कम है। इस बात की तस्दीक आंकड़े करते हैं। गुड़गांव जैसे बड़े शहर के लिए महज 15 हजार कंडोम पूरे साल के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जाते हैं।
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जिस अनुपात में गुड़गांव में मुफ्त कंडोम की मांग है। उतनी आपूर्ति नहीं हो पाती है। शहर में प्रवासी मजदूर और गरीब-मध्यम तबके के लिए कंडोम पीएचसी और सीएचसी पर तैनात हेल्थ वर्कर के जरिए पहचान कर घर-घर दी जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिशभनोई के मुताबिक लोगों में जागरूकता की वजह से गर्भ-निरोधक चीजों की मांग में इजाफा हुआ है। मुफ्त कंडोम का कोटा बढ़ाने की जरूरत है। वेंडिग मशीन बजट नहीं होने से बंद कर दी गई है। 2013 में केंद्रीय परिवार नियोजन विभाग ने इसे उच्च रिस्क वाले क्षेत्र से निकाल दिया।
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वेंडिंग मशीन प्रक्रिया हो गई बंद

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से नाको (नैशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेश) के सहयोग से शहर में कंडोम वेंडिंग मशीनों के जरिए लोगों को आसानी से कंडोम उपलब्ध करवाने की योजना 2006 में शुरू की गई थी। उस समय दो चरणों में करीब 90 वेंडिंग मशीनें लगाई गई थी। लेकिन इनमें अधिकतर चोरी हो गईं।

लोगों की कंडोम तक पहुंच को आसान बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, रेस्टोरेंटों, बस स्टॉपों, सिनेमा घरों, रेड लाइट क्षेत्रों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर यह मशीनें लगाई गईं थी।

लेकिन देखरेख व अन्य अनिमितताओं के चलते यह योजना कुछ ही सालों में दम तोड़ गई। 2011 में वेंडिंग मशीन के जरिए कंडोम बांटने की योजना केंद्र सरकार ने ही बंद कर दिया।
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