दिल्ली की आबोहवा साफ करने के मकसद से शुरू हुआ सम-विषम फार्मूला पहले दिन बेशक हिट रहा हो लेकिन राजधानी के मौजूदा प्रदूषण स्तर पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आकड़ों के मुताबिक राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को ज्यादा रहे।
वहीं, सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के आंकड़े भी उत्साहवर्धक नहीं रहे।
घटा नहीं और बढ़ गया प्रदूषण का स्तर
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 386 था। इसमें सबसे ज्यादा भूमिका पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 व 10 रही।
वहीं शुक्रवार को यह सूचकांक 391 पर पहुंच गया। सीपीसीबी का रोजाना का सूचकांक शाम 4 बजे का होता है। दूसरी तरफ सफर के रियल टाइम मॉनटरिंग स्टेशन से भी हालात बहुत अच्छे नहीं दिखे।
शुक्रवार शाम 7 बजे ही आबोहवा बृहस्पतिवार शाम 7 बजे के जैसी रही। इस बारे में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की कार्यकारी महानिदेशक अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि सूचकांक में हुए इजाफे की वजह नए साल पर देर रात चले पटाखे हो सकते हैं।
दिन में आई थी तेजी से गिरावट
सम-विषम फार्मूले के असर का सटीक आकलन कुछ दिनों बाद ही हो सकेगा। फिर भी, देर रात की तुलना में शुक्रवार 8 बजे के बाद से प्रदूषकों की मात्रा में तेजी से गिरावट आई।
हालांकि, शाम को एक बार फिर इसमें इजाफा दर्ज किया गया। इसके पीछे मौसमी दशाएं काम कर रही हैं। मसलन, आनंद विहार का पीएम 2.5 स्तर शुक्रवार सुबह 8 बजे 353 दर्ज किया गया।
दिन में इसमें तेजी से गिरावट आई। हालांकि, शाम 6 बजे के बाद एक फिर इसमें बढ़ोतरी दिखी। शाम 6:30 बजे इसका स्तर 315 पहुंच गया।