बवाना इलाके के हरेवली गांव में भीड़ की पिटाई में घायल जमात से लौटे युवक दिलशाद अली उर्फ महबूब (22) का एलएनजेपी अस्पताल में इलाज जारी है। बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर लोगों ने अफवाह फैला दी कि दिलशाद की मौत हो गई।
यहां तक भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी ट्वीट कर उसकी मौत के बारे में लिख दिया। सोशल मीडिया पर अफवाह के बीच दिल्ली पुलिस को इस पर सफाई देनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिलशाद में फिलहाल अब तक कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि उसका कोरोना टेस्ट भी नेगेटिव आया है। फिलहाल वह क्वारंटीन में है।
दिलशाद परिवार के साथ हरेवली गांव में रहता है। फरवरी माह में वह गांव के रहने वाले युवक नूर मोहम्मद के साथ जमात में भोपाल गया था। लॉकडाउन की वजह से वह वहां फंस गया। रविवार को किसी तरह वह सब्जी के ट्रक में आजादपुर मंडी पहुंचा। यहां से जब वह अपने गांव पहुंचा तो लोगों को उसके जमात से आने की खबर मिल गई। लोगों ने उस पर जानबूझकर कोरोना फैलाने का आरोप लगाकर उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी।
बुरी तरह घायल होने के बाद पुलिस ने दिलशाद को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया। दिलशद की पिटाई का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया। सोशल मीडिया पर मामला फैला तो पुलिस ने मामला दर्ज कर गांव के तीन लोग नवीन, प्रशांत और प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया।
बाकी आरोपियों की पुलिस को तलाश थी। बृहस्पतिवार को अचानक सोशल मीडिया पर खबर फैल गई कि दिलशाद की मौत हो गई है। मामला जब गर्म हुआ तो दिल्ली पुलिस को सामने आकर सफाई देना पड़ी। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि दिलशाद एलएनजेपी अस्प्ताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। उसकी हालत स्थिर है।