अरविंद केजरीवाल मोदी पर लगातार तीखे हमले बोलते हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब) की जिस बैठक में पुनर्वास पॉलिसी पर मुहर लगी उसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी शामिल हुए थे।
उन्होंने सरकार से कहा है कि वे डीडीए की जमीन पर बसी झुग्गी को हटाने के लिए बोर्ड से अनुमति लेने नहीं आएंगे। वहीं, झुग्गी वालों को कहां बसाया जाए, इसका फैसला खुद डीडीए करेगा।
बोर्ड ने फैसला लिया है कि पायलट प्रोजेक्ट 20 झुग्गी झोपड़ी बस्ती से शुरू किया जाएगा। 1 जनवरी, 2015 तक जो झुग्गी बन गई, उसे बिना पुनर्वास के नहीं हटाया जाएगा। सरकार फ्लैट झुग्गी बस्ती के 5 किलोमीटर के दायरे में दस साल की लीज पर देगी। 25 वर्ग मीटर के फ्लैट के लिए झुग्गी मालिक को 1.12 लाख रुपये और तीस हजार रुपये पांच साल के रखरखाव के लिए भुगतान करना होगा।