लॉकडाउन-4 में मिलने वाली रियायतों पर रविवार को स्थिति साफ हो सकती है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश आने के बाद ही पता चलेगा कि दिल्ली को किस स्तर की छूट मिल रही हैं।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सरकार 18 मई से नए नियमों पर दिल्ली को चलाने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के हिसाब से सभी विभागों ने जरूरी इंतजाम कर रखे हैं। केंद्र के दिशा-निर्देश आने के बाद उस पर काम किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि बड़ी चुनौती मेट्रो व बस समेत सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शुरू करने व बाजारों को खोलने की है। नियमों को लागू करने में अगर जरा सी भी चूक हुई तो तीन चरणों के लॉकडाउन के फायदे धड़ाम हो सकते हैं।
मास्क के साथ सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इजाजत मिलने पर लॉकडाउन -4 में बसें पूरी क्षमता से नहीं चलेंगी।
बसों की संख्या कम रखने के साथ यात्री भी 20 के करीब ही रहेंगे। इसी तरह मेट्रो को भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कम क्षमता पर चलाया जाएगा। बाजारों को खोला जाना है। एक दिन में 25-50 फीसदी तक बाजार खुलेंगी।
साथ ही बाजार के अंदर सम-विषम नियम लागू होगा। बाजार सप्ताह में तीन दिन खोलने का सुझाव दिया गया है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि दिल्ली के जिन-जिन प्रस्तावों पर केंद्र सरकार सहमति देगी, उसके हिसाब से दिल्ली लॉकडाउन-4 में चलेगी।