आम आदमी पार्टी की लीगल सेल की ओर से दिल्ली की सभी कोर्ट में विरोध प्रदर्शन के आह्वान के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से शिकायत की थी। वकील के एक पत्र में कहा गया था कि राजनीतिक दलों के लिए अदालत परिसर को युद्ध के मैदान के रूप में इस्तेमाल करना पेशेवर नैतिकता का घोर कदाचार है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के निर्देशों का भी उल्लंघन है।
केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे वकील
जानकारी के लिए बता दें कि शराब उत्पाद शुल्क नीति मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लीगल सेल ने आज दोपहर 12.30 बजे दिल्ली की अदालतों में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वहीं दूसरी तरफ हाईकोर्ट प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी और ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। ईडी ने कोर्ट से और समय मांगा है। फिलहाल, सुनवाई को टाल दिया गया है।
बता दें कि 20 जुलाई, 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर सीबीआई ने दर्ज किया गया था। यह आरोप लगाया गया है कि साजिश के तहत नीति में जानबूझकर छोड़ी गई या बनाई गई खामियां शामिल थीं। ये खामियां कथित तौर पर निविदा प्रक्रिया के बाद कुछ शराब लाइसेंसधारियों और साजिशकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए थीं।
इस मामले में सिसौदिया और आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में हैं। 15 मार्च 2024 को ईडी ने मामले में भारत राष्ट्र समिति के विधायक और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी के.कविता को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने 10वें समन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।