राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति ने उस पर जानलेवा हमला होने व धमकी मिलने का आरोप लगाया है। अपना बयान दर्ज करवाते हुए शिकायतकर्ता ने शनिवार को यह बात कही। केस की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
पटियाला हाउस अदालत की महानगर दंडाधिकारी स्निग्धा सरवरिया के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए शिकायतकर्ता आशीष शर्मा ने कहा कि 11 मई को आधी रात के समय उस पर जानलेवा हमला हुआ और उसे केस न लड़ने की धमकी दी गई।
अगर उसने बात न मानी तो उसे मारने की धमकी दी गई। अदालत में अपना बयान दर्ज करवाते हुए शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को प्रधानमंत्री ने तिरंगे को गले में पहना हुआ था।
प्रधानमंत्री ने तिरंगे से अपना मुंह व शरीर का पसीना पोंछा। राष्ट्रीय ध्वज के इस दृश्य को भारतीय व विश्व मीडिया ने अपने कैमरों में कैद किया। मामले की सुनवाई के दौरान शर्मा ने अपने गवाहों की सूची कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने उसकी शिकायत पर छह अप्रैल को संज्ञान लिया था।