रेलवे की लगातार कोशिश रही है कि हवाई व सड़क मार्ग के यात्रियों को रेल में सवार करने की योजना पर काम होता रहे।
इसी कड़ी में रेल मार्ग से यात्रियों का लुभाने की कोशिश के तहत दिल्ली से आगरा 100 मिनट में पहुंचाने के करीब रेलवे पहुंच गया है।
आगामी नवंबर में इस ट्रेन के शुरू हो जाने पर दिल्ली व एनसीआर के शहरों से वाया यमुना एक्सप्रेस वे सड़क मार्ग से आगरा जाने वाले वाहनों की संख्या में कमी आ सकती है।
एक्सप्रेसवे ने आसान की है राह
आश्रम से मथुरा रोड होते हुए दिल्ली व आगरा की दूरी करीब 230 किलोमीटर बैठती है। दूसरी ओर यमुना एक्सप्रेस वे की आगरा तक दूरी करीब 165 किलोमीटर है।
लेकिन दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद व गुड़गांव व फरीदाबाद के लोगों को इस एक्सप्रेस वे के ग्रेटर नोएडा स्थित जीरो प्वाइंट तक पहुंचने के लिए 15 से 50 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है।
हालांकि यहां से अभी तक सुविधा यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर जाने से करीब पौने दो घंटे में बिना जाम झेले आगरा पहुंचा जाता है, जबकि मथुरा रोड से जाने पर यह करीब साढ़े तीन घंटे का सफर होता है।
समय और पैसा दोनों बचाएगी ये ट्रेन
समय बचाने के मामले में अब रेलवे की सेमी हाई स्पीड ट्रेन यात्रियों के लिए कम समय, सुगम व सस्ते सफर का तोहफा लेकर आ सकती है।
इसकी तुलना की जाए तो दो लोगों के वाया यमुना एक्सप्रेस वे कार से जाने पर 320 रुपये के टोल व करीब 800 रुपये पेट्रोल का खर्च आने पर प्रति व्यक्ति करीब 600 रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है।
इस सड़क मार्ग से जाने में करीब पौने दो घंटे लगते हैं। ऐसे में सेमी हाई स्पीड ट्रेन से संभव है कि यात्रियों के लिए रेल मार्ग कामयाब रहेगा।
रेलवे को करने होंगे ये काम
मौजूदा भोपाल शताब्दी का किराया 329 रुपये है, ऐसे में खाने-पीने के साथ अगर 100 मिनट में आगरा पहुंचा जा सके तो लोगों द्वारा रेल मार्ग को प्राथमिकता दी जा सकती है, बशर्ते रेलवे को इस ट्रेन की टाइमिंग, सुगम यात्रा, किराये व साफ सफाई पर ध्यान देना होगा।
वैसे भी दुर्घटनाओं के आंकड़ों के चलते एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलाने में बड़े बड़ों के पसीने छूट जाते है। लिहाजा आगरा जाने वाले लोग एक बार ट्रेन के सफर पर जरूर गौर करते हैं।