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बाइक यात्रा: 5000 निवेशकों से करोड़ों डकारने वाला कंपनी निदेशक गिरफ्तार

Mon, 29 Jul 2019 06:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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बाइक बोट की तर्ज पर बाइक यात्रा (एमआईपी) कंपनी के निदेशक राजेश खंतवाल को सेक्टर-58 पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा नोएडा ने शनिवार को उत्तराखंड से हिरासत में लिया था। दोपहर बाद उसे थाने लाकर पूछताछ की गई जिसमें आरोपी ने अब तक 5000 निवेशकों से ठगी करने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए देर रात को उसे गिरफ्तार कर लिया। 

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पुलिस के मुताबिक आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम था और अब गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संपत्ति को अटैच किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दो खातों की जानकारी मिली है। जिससे 25 से 26 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। लेकिन, अब एक खाते में सिर्फ 11 लाख रुपये ही बचे हैं। खाता सीज कर दिया गया है। मामले को ईडी भेजा जाएगा।

एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने बताया कि बीते दिनों 6 लोगों ने बाइक यात्रा (एमआईपी) कंपनी के निदेशक राजेश के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कराया था। पुलिस कई सप्ताह से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। शुक्रवार तड़के पुलिस ने आरोपी को उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल कोटद्वार झंडा चौक से गिरफ्तार किया है। 
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आरोपी नंदग्राम मरियम नगर शिव मंदिर के पास रहता है। उसने बताया कि बाइक बोट से मिले आइडिया के बाद ही उसने बाइक यात्रा के नाम से अपनी कंपनी शुरू की थी। वह 14 साल तक नौकरी कर चुका है और जुलाई-2018 में उसने कंपनी गठित की थी। इसके बाद लोगों से संपर्क किया और एक  के बाद एक सैकड़ों लोग जुड़ते चले गए। 

उसने बताया कि एक-एक व्यक्ति ने 2 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक का निवेश किया है। आरोपी ने करीब 5 हजार निवेशकों से रुपये लेने की बात कबूली है। बताया कि 26 करोड़ रुपये बैंक में है जबकि जो नकद लिया था वह अलग है।

सीओ श्वेतवाभ पांडेय ने बताया कि निवेशकों की तरफ से राजेश, नितिन त्यागी, नरेंद्र तेवतिया, पुष्पेंद्र आनंद और कपिल धामा समेत 15 पर रिपोर्ट दर्ज है। वहीं, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और बुलंदशहर के निवेशकों से भी ठगी की है। 

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14 साल में अकाउंटेंट से बना निदेशक

पुलिस ने बताया कि जितेंद्र ने मरेठ से बीकॉम किया था और फिर एक कंपनी में अकाउंटेंट की नौकरी करीब 5 साल तक की। इसके बाद उसने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू किया। किसी भी काम में तेजी से कमाई नहीं हो पाई तो उसने दोस्तों के साथ मिलकर बाइक बोट की तरह कंपनी रजिस्टर्ड कराई और काम करना शुरू कर दिया। 

पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति से एक आईडी पर 15 बाइक तक लगाई जा सकतीं थीं। इसके बाद दूसरी आईडी बनानी होती है और एक से दूसरे व्यक्ति जुड़ने की प्रक्रिया को पौंजी स्कीम कही जाती है। जिसमें एक बाइक के एवज में 62,100 रुपये लिए जाते थे और उस पर 10,100 रुपये प्रतिमाह देने का दावा किया गया था। लोग लालच में आ गए और अपने साथ नजदीकी एवं रिश्तेदारों से पैसा निवेश करवा दिया।

निवेशकों का पैसा जेवर एयरपोर्ट के पास निवेश किया
निवेशकों से आए रुपयों से राजेश ने साढे़ 3 करोड़ रुपये की जमीन जेवर एयरपोर्ट के पास खरीदी है। जबकि एक फैक्टरी और कुछ अन्य प्लॉट आदि की जानकारी भी पुलिस को दी है। आरोपी ने सोचा था कि एयरपोर्ट के पास रहकर वह कंपनी को चलाएगा और वहीं आफिस भी खोलेगा। करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अभी तक उसने पुलिस को बताई है।

अभी तक 480 लोगों ने दी है शिकायत
निवेशकों की ओर से आरोपी के खिलाफ लगातार शिकायतें दी जा रहीं हैं। सूरजपुर थाने और सेक्टर-24 थाने के अलावा सेक्टर-58 थाने में निवेशकों की ओर से रविवार शाम तक 480 लोगों द्वारा शिकायत देने का दावा किया गया है। शाम को पहुंचे निवेशकों से इंस्पेक्टर थाना सेक्टर-58 ने कहा है कि जिन्होंने अभी तक शिकायत नहीं दी है वह शिकायत दे सकते हैं। यदि शिकायत दोबारा न दी जाए। उन्होंने कहा कि जो भी कार्रवाई होगी, वह 6 पीड़ित लोगों की रिपोर्ट के साथ ही मर्ज की जाएगी।

निवेशक मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
निवेशक रवि कश्यप और त्रिलोक सिंह का कहना है कि वह पुलिस के अधिकारियों की बातचीत से संतुष्ट नहीं है। अब वह मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेंगे और आरोपी राजेश खंतवाल की सारी संपत्ति को अटैच कराकर उसे नीलाम कराने और उससे मिले पैसों को निवेशकों को लौटने की मांग करेंगे। 
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