पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोशिन मोहम्मद निजामुद्दीन का रहने वाला है। वह दसवीं पास है। इसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। पहला मामला 2021 और दूसरा 2022 में दर्ज हुआ था। धोखाधड़ी व आपराधिक मामलों की जांच ईडी भी कर रही है। बीते साल गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर में भी इसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
आरोपी ने कई संपत्तियों को गिरवी रखकर विभिन्न बैंकों से करीब 300 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। जांच में पता चला कि कारोबार में मंदी आने पर जब वह कर्ज नहीं चुका पाया तो बैंकों को धोखा देने के लिए बैंकों में गिरवी रखी गई। संपत्ति को बेचना शुरू कर दिया। यस बैंक की शिकायत पर 9 अक्तूबर 2021 को ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज किया गया था।
एमके ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों के माध्यम से 2016 में यस बैंक से कंपनी के नाम पर 95 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। कंपनी ने 19सी, अंसारी रोड, दरियागंज स्थित एक संपत्ति को गिरवी रख दिया। मार्च 2018 से मई 2019 के दौरान जमीन पर कई फ्लैटों का निर्माण कर उसे लोगों को बेच दिया गया। इस तरह की धोखाधड़ी वाली बिक्री के जरिये 13 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई।
इसके बाद आरोपी ने एक सहकारी बैंक में खाता खोला और उक्त खाते से उसने अपने निजी इस्तेमाल के लिए 3.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाल ली। पुलिस से बचने के लिए वह मोबाइल नंबर बदल रहा था और अन्य व्यक्तियों के नाम पर सिम कार्ड और मोबाइल फोन खरीद रहा था। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने निजामुद्दीन (पश्चिम) के एक होटल में छापा मारकर वहां से उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिली है।
यह भी पढ़ें: टीवी रिमोट के लिए हत्या: सात साल की बच्ची के गले पर किए थे रॉड से वार, पुलिस ने 'हैवान' को किया गिरफ्तार