कीर्तन करने आईं कुछ महिलाओं पर पथराव से गांव अटाली में दोबारा तनाव पैदा हो गया है। पथराव में कई महिलाएं घायल हुई हैं।
तनाव बढ़ता देख एचएसओ ने अल्पसंख्यकों को अपनी गाड़ी में थाना छांयसा पहुंचाया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मामला शांत हो पाया। बाद में दोनों पक्ष मामला दर्ज कराने थाने पहुंचे।
गांव में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल के पास बहुसंख्यकों का भी धार्मिक स्थल है। जहां पुरुषोत्तम मास होने के कारण बहुसंख्यक महिलाएं रोजाना पूजापाठ कर रही हैं।
महिलाएं हुईं जख्मी
बुधवार दोपहर पूजा करने पहुंचीं महिलाओं पर अचानक पथराव शुरू हो गया। इसमें दो महिलाएं जख्मी हो गईं। पथराव की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई।
इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया। इसमें कई महिलाओं को चोट लगने की खबर है। एक महिला पुलिसकर्मी के घायल होने की भी सूचना है।
एक धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर गांव के दो समुदाय के बीच पिछले डेढ़ माह से विवाद के कारण तनाव चल रहा है। 25 मई को स्थल निर्माण को लेकर गांव में बवाल हो गया था।
तनाव देख नमाजियों को बिठाया गाड़ी में
पत्थरबाजी के बाद घायलों को बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तनाव बढ़ता देख एसएचओ ने नमाज पढ़ रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अपनी गाड़ी में बिठाकर थाना छांयसा पहुंचाया।
पथराव से नाराज बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने विवादित धार्मिक स्थल और घरों पर भी पथराव किया। उत्तेजित भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया।
शाम को पुलिस आयुक्त सुभाष यादव, एसडीएम डॉ. प्रियंका सोनी और डीसीपी भूपेंद्र सिंह सहित कई लोगों ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। डीसीपी का कहना है कि पथराव जैसी कोई बात नहीं है। कुछ कारणों से तनाव हुआ था। अब स्थिति सामान्य है। वह खुद मौके पर हैं।